साहित्य/आध्यात्म

खुली धूप में उतरती श्रीमद् भगवत गीता यहाँ न माला है, न मंच-भक्ति—यहाँ माइक, लाइट और लाइक...
श्रीमद भगवत गीता का जीवित सार है….. खुली आँखों वाला शहरनामा.. यह विषय पूजा-स्थल का नहीं, चुनाव-स्थल,...
यह वही जगह है जहाँ आज का सेल्फ-हेल्प पोस्टर और गीता आमने-सामने खड़े हो जाते हैं। तो...