हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुधा चंद्रन ने बताया कि अमर अकबर एंथनी का एक फीमेल वर्जन भी बनाया गया था। इस फिल्म का नाम था सीता सलमा सूज़ी । यह प्रोजेक्ट मूल फिल्म से प्रेरित था और इसमें तीन बहनों की कहानी दिखाई जानी थी। सुधा ने बताया कि वे इस फिल्म में लीड रोल निभा रही थीं और उनके साथ अर्चना पूरन सिंह और मुनमुन सेन भी मुख्य भूमिकाओं में थीं।
सुधा ने याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी टीम को विश्वास था कि वे एक बड़ी और यादगार फिल्म बना रहे हैं। फिल्म में पुरुष कलाकारों में जीत उपेंद्र और शेखर सुमन जैसे नाम शामिल थे। सभी कलाकार बेहद समर्पण के साथ काम कर रहे थे लेकिन दुर्भाग्यवश यह फिल्म कभी रिलीज़ नहीं हो पाई। इसके पीछे क्या कारण थे यह साफ नहीं हो सका और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया।
इस अनरिलीज़्ड फिल्म से जुड़ी एक और दिलचस्प बात यह है कि इसी के सेट पर सुधा चंद्रन की मुलाकात उनके भावी पति रवि डांग से हुई थी जो फिल्म में एसोसिएट डायरेक्टर थे। सुधा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें रवि का व्यवहार थोड़ा अजीब लगा क्योंकि वे उनके गुड मॉर्निंग का जवाब नहीं देते थे। जब उन्होंने इस बारे में पूछा तो रवि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें काम के लिए पैसे मिलते हैं औपचारिक अभिवादन के लिए नहीं। रवि की यह साफगोई और काम के प्रति समर्पण सुधा के दिल को छू गया।
धीरे धीरे दोनों के बीच दोस्ती और फिर प्यार पनपा। हालांकि शादी का फैसला आसान नहीं था क्योंकि परिवार इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति को अपनाने को लेकर आशंकित था। लेकिन सुधा के आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय ने आखिरकार परिवार को मना लिया। उनकी मां ने भरोसा जताया कि उनकी बेटी कभी गलत फैसला नहीं ले सकती।
सीता सलमा सूजी भले ही बड़े पर्दे तक नहीं पहुंच सकी लेकिन यह फिल्म सुधा चंद्रन के जीवन की एक अहम कड़ी बन गई। एक ओर जहां यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया वहीं दूसरी ओर इसी के जरिए उनकी जिंदगी में एक नया रिश्ता और नई शुरुआत जुड़ गई। बॉलीवुड के इतिहास में यह किस्सा आज भी एक दिलचस्प लेकिन अनकही कहानी के रूप में दर्ज है।
