मुंबई के एक पॉश इलाके से लैला, उनकी मां सेलिना, तीन भाई बहन और एक चचेरी बहन के लापता होने की खबर ने सनसनी फैला दी। करीब एक साल तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पुलिस की जांच जारी रही, लेकिन परिवार का कोई अता पता नहीं था। मामला तब और पेचीदा हो गया जब शक की सुई लैला के सौतेले पिता की ओर घूमी।
पूछताछ के दौरान जो सच सामने आया, उसने सबको झकझोर दिया। सौतेले पिता ने कबूल किया कि उसने ही इगतपुरी नासिक के पास स्थित अपने फार्महाउस पर परिवार के सभी छह सदस्यों की हत्या कर दी और शवों को वहीं दफना दिया। हत्या की वजह थी शक, जलन और संपत्ति को लेकर डर। उसे संदेह था कि लैला की मां का किसी और से संबंध है और वह बच्चों के साथ दुबई बसने की योजना बना रही है। उसे भय था कि परिवार उससे अलग होकर उसे संपत्ति से बेदखल कर देगा।
बताया गया कि फार्महाउस पर किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। गुस्से में आरोपी ने पहले सेलिना पर हमला किया और फिर एक एक कर सभी को मौत के घाट उतार दिया। अपने अपराध को छिपाने के लिए उसने फार्महाउस के अहाते में गड्ढा खोदकर सभी शवों को दफना दिया और ऊपर से आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। यह वारदात इतनी निर्मम थी कि जिसने भी इसके बारे में सुना, सन्न रह गया।
मामला वर्षों तक अदालत में चलता रहा। पुलिस ने सबूत जुटाए, गवाह पेश हुए और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार 2024 में अदालत ने आरोपी सौतेले पिता को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। करीब 13 साल बाद न्याय मिला, लेकिन तब तक एक उभरती अभिनेत्री और उसका पूरा परिवार इस दुनिया से जा चुका था।
लैला खान हत्याकांड ने यह साबित कर दिया कि शक और लालच जब रिश्तों पर हावी हो जाते हैं, तो अंजाम बेहद खौफनाक होता है। ग्लैमर की दुनिया की एक चमकती जिंदगी, पारिवारिक साजिश और निर्ममता की भेंट चढ़ गई। यह मामला आज भी याद दिलाता है कि अपराध चाहे जितना छिपाया जाए, सच एक दिन सामने जरूर आता है।
