“खाली दिन लगता है अजीब”
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि जब कोई दिन बिना काम के गुजरता है, तो उन्हें अजीब महसूस होता है। उन्होंने कहा कि रोज़ाना एक तय रूटीन में काम करने की आदत बन जाती है, और जब वह अचानक टूटती है तो पूरा दिन एक “मिस्ट्री” जैसा लगने लगता है। उनके मुताबिक, यह बदलाव मन को अस्थिर कर देता है, क्योंकि वे हमेशा अपने समय का सही उपयोग करने में विश्वास रखते हैं।
एंग्जायटी को बताया खतरनाक
अपने ब्लॉग में बिग बी ने चिंता (एंग्जायटी) पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब चीजें योजना के मुताबिक नहीं चलतीं, तो मन में बेचैनी बढ़ने लगती है। अगर इसे समझा न जाए तो यह मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि एंग्जायटी में जीना इंसान को कमजोर बना देता है और इससे बचना जरूरी है।
हर उम्र में काम जरूरी
यह पहला मौका नहीं है जब Amitabh Bachchan ने काम को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। इससे पहले भी वे कई बार कह चुके हैं कि उम्र चाहे जो भी हो, इंसान को सक्रिय रहना चाहिए। उनके लिए काम सिर्फ प्रोफेशन नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है।
फिल्मों और टीवी में लगातार सक्रिय
हाल ही में अमिताभ बच्चन को फिल्म Kalki 2898 AD में दमदार भूमिका में देखा गया था, जिसमें उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई। अब दर्शक इसके अगले पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने टीवी के लोकप्रिय शो Kaun Banega Crorepati के 17वें सीजन को हाल ही में अलविदा कहा है, लेकिन फैंस उन्हें फिर से स्क्रीन पर देखने के लिए उत्साहित हैं।
अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उन्होंने अपने करियर में कभी भी लापरवाही नहीं दिखाई। समय की पाबंदी, काम के प्रति समर्पण और लगातार खुद को सक्रिय रखने की आदत ही उन्हें आज भी बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।
अमिताभ बच्चन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अनुशासन और मेहनत की मिसाल हैं। उनका मानना है कि काम से जुड़ा रहना ही जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है।
