गोविंद नामदेव ने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में शाहरुख के प्रोफेशनल एटिट्यूड की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, एक ही बंदा है जो 24 घंटे काम करता है। सोना भी 3-4 घंटे, उसी में दंड-बैठक भी है, उद्घाटन भी करना है, डायलॉग भी याद करना है, कहीं परफॉर्म करने भी जाना है। मैं हैरान हो गया कि ये कैसा आदमी है। उनके अनुसार, शाहरुख की दिनचर्या बेहद व्यस्त होती है, लेकिन वह कभी थकान या दर्द का बहाना नहीं बनाते।
दोनों कलाकारों ने साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी में साथ काम किया था, जिसका निर्देशनअज़ीज़ मिर्ज़ाने किया था। इस फिल्म में गोविंद नामदेव ने मुख्यमंत्री की भूमिका निभाई थी। उसी दौरान उन्होंने शाहरुख के काम करने के तरीके को करीब से देखा। गोविंद के मुताबिक, शाहरुख की ऊर्जा, समय की पाबंदी और काम के प्रति समर्पण उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है।
गोविंद नामदेव ने आगे बताया कि शाहरुख को रीढ़ की हड्डी की समस्या है और उन्हें शारीरिक रूप से काफी तकलीफ रहती है। उन्होंने कहा, फिजिकली बहुत ज्यादा प्रॉब्लम है, रीढ़ की हड्डी की दिक्कत है, लेकिन फिर भी वह रुकते नहीं हैं। गोविंद का कहना है कि शाहरुख कभी अपनी तकलीफों को जाहिर नहीं करते और उन्हें देखकर दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है कि मुश्किल हालात में भी कैसे काम के प्रति समर्पित रहा जाए।
शाहरुख खान खुद भी पहले कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वह लंबे समय तक घर पर खाली नहीं बैठ सकते। उनका मानना है कि ज्यादा ब्रेक लेने से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होती है, इसलिए वह खुद को लगातार काम में व्यस्त रखते हैं। यही कारण है कि चाहे शूटिंग हो, प्रमोशन हो या कोई स्टेज परफॉर्मेंस शाहरुख हर जगह पूरी तैयारी और ऊर्जा के साथ नजर आते हैं।
वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म King को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह एक बार फिर एक्शन अवतार में दिखाई देंगे। उनका लुक पहले ही सामने आ चुका है और फैंस को ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है। फिल्म की रिलीज इस साल दिसंबर में प्रस्तावित है।
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद शाहरुख का यह समर्पण दर्शाता है कि सुपरस्टार बनने के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और जुनून भी उतना ही जरूरी है। गोविंद नामदेव की बातों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शाहरुख खान सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक मिसाल हैं।
