मुश्किल दौर और व्यक्तिगत झटके
दिया ने बताया कि उनके करियर के शुरुआती साल काफी चुनौतीपूर्ण रहे। उन्हें ऐश्वर्या राय के साथ तुलना का सामना करना पड़ा और सिर्फ 24 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। इस भावनात्मक चोट और लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण दिया ने थोड़े समय के लिए ब्रेक लेने का निर्णय लिया। ब्रेक के दौरान उन्होंने प्रोडक्शन में हाथ आजमाया और ‘लव ब्रेकअप्स जिंदगी’ और ‘बॉबी जासूस’ जैसी फिल्में बनाई।
राजकुमार हिरानी और करियर का टर्निंग पॉइंट
दिया मिर्जा के करियर में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने डायरेक्टर राजकुमार हिरानी को खुद कॉल कर मदद मांगी। दिया ने कहा, “मुझे याद है, जब ‘संजू’ की कास्टिंग चल रही थी, मैंने राजू सर से कहा कि प्लीज मुझे काम दीजिए, मेरे पास कोई प्रोजेक्ट नहीं है और मैं स्ट्रगल कर रही हूं। मैं स्क्रीन टेस्ट देने के लिए भी तैयार हूं।”
राजकुमार हिरानी ने दिया की बात सुनकर रणबीर कपूर और अपनी टीम से संपर्क किया और दिया को ‘संजू’ में संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त का रोल ऑफर किया। दिया इसे अपने करियर का ‘लाइफसेवर’ मानती हैं।
ब्लॉकबस्टर सफलता और नए अवसर
‘संजू’ की ब्लॉकबस्टर सक्सेस ने दिया मिर्जा के करियर को नई दिशा दी। इसके बाद उन्हें वेब सीरीज ‘काफिर’ का ऑफर मिला, जिसे दिया अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा बदलाव मानती हैं। हाल ही में दिया को वेब सीरीज ‘IC 814: द कंधार हाईजैक’ और फिल्म ‘नादानियां’ में देखा गया। उनका कहना है कि एक सही रोल और कहानी कैसे किसी भी कलाकार की जिंदगी और करियर को पूरी तरह बदल सकती है।
