रजनीकांत की दोस्ती बैंगलोर में पढ़ने वाली मेडिकल स्टूडेंट निर्मला से हुई। एक प्ले में उनका दमदार अभिनय देखकर निर्मला ने उनसे कहा-आपको हीरो बनना चाहिए। एक्टिंग का जुनून पहले से था इसलिए उन्होंने मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने का फैसला कर लिया। घर की आर्थिक हालत खराब थी लेकिन उनके दोस्त राज बहादुर ने साथ दिया और रजनीकांत का एडमिशन हो गया। वहीं एक्टिंग कोर्स के दौरान मशहूर निर्देशक के. बालाचंदर की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने शर्त रखी कि रजनी तमिल भाषा सीख लें तो उन्हें पहली फिल्म का मौका मिलेगा। रजनीकांत ने तेजी से तमिल सीख ली और 1975 में उन्हें अपूर्वा रागंगल में पहला रोल मिला। शुरुआत में खलनायक के किरदार ही मिले लेकिन रजनीकांत के अंदाज ने हर छोटे रोल को यादगार बना दिया। धीरे-धीरे वे दर्शकों के दिलों में जगह बनाने लगे और एक बस कंडक्टर से तमिल सिनेमा के उभरते स्टार बन गए।
करियर के दमदार किरदार
सूर्या का किरदार गरीबी भावनाओं और वफादारी से भरा हुआ था। परिस्थितियों से मजबूर होकर अपराध की दुनिया में जाने वाले इस किरदार को रजनीकांत ने अपने स्टाइल और तीखे संवादों से अमर कर दिया। उनका डायलॉग-
मित्रता का कानून बहुत कठोर है
आज भी फैंस की जुबां पर है।
बाशा 1995- माणिक बाशा
इस फिल्म ने रजनीकांत को ‘मास एंटरटेनर’ का असली खिताब दिया। एक साधारण ऑटो ड्राइवर से गैंगस्टर तक की उनकी यात्रा और उनका प्रसिद्ध डायलॉग-मैं एक बार कह दूं तो यह सौ बार कहने के बराबर है।आज भी तमिल सिनेमा का कल्ट मोमेंट माना जाता है।
शिवाजी: द बॉस 2007- – शिवाजी
एनआरआई इंजीनियर शिवाजी का किरदार समाज सुधार और भ्रष्टाचार विरोध की कहानी कहता है। शंकर के निर्देशन और ए. आर. रहमान के संगीत के साथ रजनी की यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
एंथिरन/रोबोट 2010- वसीकरन और चिट्टी
डबल रोल में रजनीकांत का जलवा अलग ही था। वैज्ञानिक वसीकरन और सुपर-रोबोट चिट्टी का किरदार फैंस को इतना पसंद आया कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी साइंस-फिक्शन फिल्मों में शामिल हो गई।
कबाली 2016- कबाली
एक बूढ़े गैंगस्टर की भावनात्मक कहानी में रजनीकांत ने गजब की गहराई दिखाई। अपने खोए परिवार की तलाश में निकले इस किरदार ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
काला 2018- काला
मुंबई की झुग्गियों में गरीबों के हक के लिए लड़ने वाले काला का किरदार सामाजिक संदेशों से भरा था। यह रजनीकांत के सबसे मजबूत राजनीतिक-सामाजिक भूमिकाओं में से एक माना जाता है।
लिंगा 2014- राजा लिंगेश्वरन
ऐतिहासिक और आधुनिक दोनों भूमिकाओं में रजनीकांत ने दोहरा जादू दिखाया। राजा का संवाद-मुझे अपना शहर देश संस्कृति और भगवान पसंद है… बहुत चर्चित रहा।
दरबार 2020- आदित्य अरुणाचलम
कानून तोड़कर भी न्याय दिलाने वाले इस आक्रामक पुलिस ऑफिसर का किरदार रजनीकांत की मास अपील को फिर साबित करता है।
फैंस की दीवानगी के किस्से
