नई दिल्ली। थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायकन’ को लेकर चल रहा सेंसर सर्टिफिकेट विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को तुरंत फिल्म को UA सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही फिल्म की रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
फिल्म के निर्माताओं ने CBFC द्वारा सर्टिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में कहा गया था कि बिना किसी ठोस वजह के सर्टिफिकेट रोका जा रहा है, जिससे प्रोड्यूसर्स को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए 6 जनवरी को CBFC द्वारा जारी उस पत्र को भी रद्द कर दिया, जिसमें फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने की बात कही गई थी।
CBFC चेयरपर्सन पर भी कोर्ट की टिप्पणी
मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि CBFC चेयरपर्सन के पास फिल्म को दोबारा रिव्यू कमेटी के पास भेजने का अधिकार नहीं था। कोर्ट के मुताबिक, फिल्म के खिलाफ की गई शिकायतें बाद में सोची-समझी प्रतीत होती हैं और यदि ऐसी शिकायतों को महत्व दिया गया, तो यह एक खतरनाक परंपरा को जन्म दे सकता है।
मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि CBFC चेयरपर्सन के पास फिल्म को दोबारा रिव्यू कमेटी के पास भेजने का अधिकार नहीं था। कोर्ट के मुताबिक, फिल्म के खिलाफ की गई शिकायतें बाद में सोची-समझी प्रतीत होती हैं और यदि ऐसी शिकायतों को महत्व दिया गया, तो यह एक खतरनाक परंपरा को जन्म दे सकता है।
UA सर्टिफिकेट के साथ रिलीज का रास्ता साफ
कोर्ट के आदेश के बाद ‘जना नायकन’ को बिना किसी और देरी के UA सर्टिफिकेट देने का फैसला लिया गया। UA सर्टिफिकेट का मतलब है कि यह फिल्म बच्चों सहित सभी दर्शकों के लिए उपयुक्त है, हालांकि छोटे बच्चों को अभिभावकों की निगरानी में फिल्म देखने की सलाह दी जाती है।
कोर्ट के आदेश के बाद ‘जना नायकन’ को बिना किसी और देरी के UA सर्टिफिकेट देने का फैसला लिया गया। UA सर्टिफिकेट का मतलब है कि यह फिल्म बच्चों सहित सभी दर्शकों के लिए उपयुक्त है, हालांकि छोटे बच्चों को अभिभावकों की निगरानी में फिल्म देखने की सलाह दी जाती है।
सुनवाई में शामिल रहे दिग्गज वकील
इस मामले में फिल्म प्रोडक्शन हाउस की ओर से सीनियर एडवोकेट सतीश पारासरन और CBFC की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरसन ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निर्माताओं के हक में फैसला सुनाया।
गौरतलब है कि थलपति विजय की यह फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने के कारण रिलीज टल गई थी। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद ‘जना नायकन’ के आसपास बना सारा विवाद खत्म हो चुका है और दर्शक जल्द ही इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देख सकेंगे।
