अर्जुन सिंह ने पहले रहमान की प्रतिभा की तारीफ की और कहा कि वह उनके संगीत का सम्मान करते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने एक विवादित दावा भी किया।
अर्जुन सिंह ने अपने बयान में बॉलीवुड की मौजूदा स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का प्रभाव घट रहा है, जबकि साउथ सिनेमा तेजी से बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, साउथ फिल्मों की कहानी, प्रस्तुति और तकनीक बेहतर है, इसलिए लोग डब की गई साउथ फिल्मों को भी बड़ी संख्या में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बॉलीवुड ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी बना ली है, जिसका असर अब इंडस्ट्री की दशा पर दिख रहा है।
अनूप जलोटा की इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने आलोचना की, क्योंकि यह धर्म को करियर से जोड़ने वाला बयान माना गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कलाकारों के काम और पहचान को धर्म से जोड़कर देखा जाना गलत है,
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच एआर रहमान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वह अपने संगीत और फिल्मों के लिए जाने जाते हैं और कई बार उन्होंने अपने काम को ही अपनी पहचान बताया है। इस विवाद ने फिर एक बार यह सवाल उठाया है कि क्या कला और कलाकारों को धर्म और राजनीति से जोड़ा जाना चाहिए या नहीं।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है, और लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। कलाकारों के काम को लेकर बहस जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी की धार्मिक पहचान को उनकी सफलता या असफलता से जोड़ा जा सकता है।
