फिल्म वाराणसी को लेकर सबसे बड़ी चर्चा इसकी स्टारकास्ट को लेकर है। इस फिल्म के जरिए पहली बार ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा और साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। दोनों की यह फ्रेश और पैन इंडिया जोड़ी दर्शकों के बीच पहले ही जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर चुकी है। वहीं, जब किसी प्रोजेक्ट से एसएस राजामौली का नाम जुड़ता है, तो उससे उम्मीदें अपने आप ही कई गुना बढ़ जाती हैं।
7 अप्रैल 2027 की रिलीज डेट को भी खास रणनीति के तहत चुना गया है। फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, इस तारीख को उगादी और गुड़ी पड़वा का पर्व है। इसके बाद 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती और 15 अप्रैल को राम नवमी की छुट्टी पड़ेगी। लगातार त्योहारों और छुट्टियों के चलते फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर लंबा और मजबूत ओपनिंग वीक मिलने की पूरी संभावना है, जो इसकी कमाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
वाराणसी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का एक बड़ा कारण इसका टीजर भी है, जो पहले ही रिलीज किया जा चुका है। 3 मिनट 40 सेकंड के इस टीजर ने अपनी भव्य विजुअल्स और रहस्यमयी कहानी से लोगों का ध्यान खींचा है। टीजर की शुरुआत 512 ईस्वी की वाराणसी से होती है, जहां प्राचीन सभ्यता और आध्यात्मिक माहौल की झलक देखने को मिलती है। इसके बाद एक एस्टेरॉइड के धरती से टकराने का दृश्य कहानी को अलग ही दिशा देता है।
टीजर में अंटार्कटिका और अफ्रीका के जंगलों के दृश्य यह संकेत देते हैं कि फिल्म की कहानी ग्लोबल स्तर पर फैली हुई है। इसके बाद कहानी लंका नगरम पहुंचती है, जहां हनुमान जी, प्रभु श्रीराम और वानर सेना का रावण से युद्ध दिखाया गया है। पौराणिक और आधुनिक तत्वों का यह संगम फिल्म को और भी खास बनाता है।
टीजर का सबसे प्रभावशाली दृश्य वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर देखने को मिलता है, जहां महेश बाबू बैल पर सवार होकर त्रिशूल लिए नजर आते हैं। यह सीन न सिर्फ विजुअली भव्य है, बल्कि उनके किरदार की शक्ति और गंभीरता को भी दर्शाता है। प्रियंका चोपड़ा की झलक भले ही सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है।
कुल मिलाकर, वाराणसी एक फिल्म नहीं बल्कि एक मेगा सिनेमाई इवेंट के रूप में सामने आ रही है। अब दर्शकों को 7 अप्रैल 2027 का बेसब्री से इंतजार है, जब एसएस राजामौली एक बार फिर बड़े पर्दे पर इतिहास रचने उतरेंगे।
बाहुबली और आरआरआर जैसी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले मशहूर निर्देशक एसएस राजामौली एक बार फिर दर्शकों को भव्य सिनेमाई अनुभव देने के लिए तैयार हैं। उनकी अपकमिंग फिल्म वाराणसी की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान हो चुका है। राजामौली ने सोशल मीडिया पर फिल्म का दमदार पोस्टर शेयर करते हुए लिखा Varanasi 7 अप्रैल, 2027। इसके साथ ही फिल्म को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है।
फिल्म वाराणसी को लेकर सबसे बड़ी चर्चा इसकी स्टारकास्ट को लेकर है। इस फिल्म के जरिए पहली बार ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा और साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। दोनों की यह फ्रेश और पैन इंडिया जोड़ी दर्शकों के बीच पहले ही जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर चुकी है। वहीं, जब किसी प्रोजेक्ट से एसएस राजामौली का नाम जुड़ता है, तो उससे उम्मीदें अपने आप ही कई गुना बढ़ जाती हैं।
7 अप्रैल 2027 की रिलीज डेट को भी खास रणनीति के तहत चुना गया है। फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, इस तारीख को उगादी और गुड़ी पड़वा का पर्व है। इसके बाद 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती और 15 अप्रैल को राम नवमी की छुट्टी पड़ेगी। लगातार त्योहारों और छुट्टियों के चलते फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर लंबा और मजबूत ओपनिंग वीक मिलने की पूरी संभावना है, जो इसकी कमाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
वाराणसी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का एक बड़ा कारण इसका टीजर भी है, जो पहले ही रिलीज किया जा चुका है। 3 मिनट 40 सेकंड के इस टीजर ने अपनी भव्य विजुअल्स और रहस्यमयी कहानी से लोगों का ध्यान खींचा है। टीजर की शुरुआत 512 ईस्वी की वाराणसी से होती है, जहां प्राचीन सभ्यता और आध्यात्मिक माहौल की झलक देखने को मिलती है। इसके बाद एक एस्टेरॉइड के धरती से टकराने का दृश्य कहानी को अलग ही दिशा देता है।
टीजर में अंटार्कटिका और अफ्रीका के जंगलों के दृश्य यह संकेत देते हैं कि फिल्म की कहानी ग्लोबल स्तर पर फैली हुई है। इसके बाद कहानी लंका नगरम पहुंचती है, जहां हनुमान जी, प्रभु श्रीराम और वानर सेना का रावण से युद्ध दिखाया गया है। पौराणिक और आधुनिक तत्वों का यह संगम फिल्म को और भी खास बनाता है।
टीजर का सबसे प्रभावशाली दृश्य वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर देखने को मिलता है, जहां महेश बाबू बैल पर सवार होकर त्रिशूल लिए नजर आते हैं। यह सीन न सिर्फ विजुअली भव्य है, बल्कि उनके किरदार की शक्ति और गंभीरता को भी दर्शाता है। प्रियंका चोपड़ा की झलक भले ही सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है।
कुल मिलाकर, वाराणसी एक फिल्म नहीं बल्कि एक मेगा सिनेमाई इवेंट के रूप में सामने आ रही है। अब दर्शकों को 7 अप्रैल 2027 का बेसब्री से इंतजार है, जब एसएस राजामौली एक बार फिर बड़े पर्दे पर इतिहास रचने उतरेंगे।
