राजपाल यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जेल में उनके लिए सबसे मुश्किल घड़ी अपने परिवार से दूर रहना था। अपनों की कमी उन्हें हर पल खलती थी, लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने एक कड़ा अनुशासन अपनाया। उन्होंने बताया, “सबसे कठिन हिस्सा परिवार की दूरी थी। इसके अलावा, मैंने वहां के रूटीन को स्वीकार कर लिया था। मैं हर सुबह जल्दी उठ जाता था, ब्रीदिंग एक्सरसाइज करता था और अपना मानसिक संतुलन बनाए रखने की पूरी कोशिश करता था।” राजपाल का मानना है कि ऐसे वक्त में खुद को शांत रखना ही सबसे बड़ी जीत है।
कानूनी लड़ाई पर बात करते हुए राजपाल ने स्पष्ट किया कि यह मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा है और उन्होंने इसे हमेशा कानूनी तरीके से ही हल करना उचित समझा। उनकी पत्नी राधा यादव ने भी इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा साथ दिया। राधा ने कहा कि वे अभी हर स्थिति को ‘एक समय पर एक कदम’ के सिद्धांत के साथ डील कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाधान केवल हमारी इच्छाशक्ति पर नहीं, बल्कि समय पर भी निर्भर करता है। इस कठिन समय में राजपाल यादव को फिल्म इंडस्ट्री से जो प्यार और समर्थन मिला, उसके लिए वे बेहद शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास और सम्मान उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है, जिसने उन्हें टूटने नहीं दिया।
