इस वायरल वीडियो के बाद फैंस के मन में सवाल उठने लगा कि इतनी लोकप्रियता के बावजूद कल्पना अय्यर ने बॉलीवुड को अचानक क्यों अलविदा कह दिया। 27 साल बाद उन्होंने इसका खुलकर जवाब दिया। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री का माहौल बदल गया था। हर जगह ग्रुप बनने लगे और काम सीमित दायरों में घूमने लगा।
कल्पना ने साफ कहा कि वे किसी भी ग्रुप का हिस्सा नहीं थीं। उनके मुताबिक जिस तरह का काम वह कर रही थीं उससे उन्हें सुकून नहीं मिल रहा था। खुशी और संतुष्टि न होने पर सफर को जबरदस्ती आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं था। उनका यह फैसला किसी नाराजगी या कड़वाहट से नहीं बल्कि आत्मचिंतन और आत्मसम्मान से लिया गया।
इसी बातचीत में उन्होंने सलमान खान का जिक्र किया जो फिल्म हम साथ साथ हैं में उनके को‑स्टार थे। जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी मदद मांगी तो कल्पना ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे किसी से सिफारिश करवाने में विश्वास नहीं रखतीं। अगर कोई समझदार व्यक्ति उन्हें योग्य समझता है, तो खुद ही संपर्क करेगा।
कल्पना अय्यर का फिल्मी सफर भले ही लंबा न रहा हो लेकिन यादगार रहा। उन्होंने सत्ते पे सत्ता, बड़े दिलवाला, हम पांच लाडला, अंजाम जैसी फिल्मों में काम किया। फिल्म हम साथ साथ हैं में उनका किरदार संगीता आज भी याद किया जाता है। उनकी आखिरी फिल्म दिल ही दिल साल 1999 में रिलीज़ हुई थी। आज जब रम्बा हो फिर से नई पीढ़ी और सोशल मीडिया के जरिए गूंज रहा है कल्पना अय्यर की कहानी प्रेरणा बनकर सामने आई है। उनका आत्मसम्मान और काम के प्रति सच्चाई आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है।
