टाइगर ने एक बातचीत के दौरान बताया कि कुछ साल पहले उन्हें एक फ्लाइट में बेहद खराब टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था। उस अनुभव ने उनके मन पर गहरा असर डाला और तभी से उनके अंदर उड़ान को लेकर डर बैठ गया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें पूरी तरह से असहाय महसूस हुआ क्योंकि स्थिति पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। यही वजह है कि अब जब भी उन्हें फ्लाइट से यात्रा करनी होती है तो दो दिन पहले से ही बेचैनी और घबराहट शुरू हो जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि पायलट अक्सर उन्हें समझाते हैं कि टर्बुलेंस कोई बड़ी बात नहीं होती और यह सड़क पर लगने वाले हल्के झटकों की तरह ही होता है लेकिन उनके दिमाग को यह बात स्वीकार नहीं होती। टाइगर का कहना है कि उन्हें हर चीज पर नियंत्रण रखना पसंद है लेकिन फ्लाइट के दौरान वह खुद को पूरी तरह बेबस महसूस करते हैं और यही उनकी चिंता का सबसे बड़ा कारण है।
सिर्फ एयरोफोबिया ही नहीं टाइगर ने अपनी एक और समस्या का जिक्र किया। उन्होंने माना कि वह कई बार छोटी छोटी बातों को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने लगते हैं और इससे वह काफी कंफ्यूजन में पड़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें अपने दिनभर के काम तय करने में भी काफी मुश्किल होती है क्योंकि वह हर चीज को लेकर ज्यादा सोचने लगते हैं। यह स्थिति उनके लिए मानसिक रूप से थकाने वाली हो जाती है।
वर्क फ्रंट की बात करें तो टाइगर श्रॉफ ने हीरोपंती वॉर और बागी जैसी फिल्मों के जरिए खुद को एक सफल एक्शन हीरो के रूप में स्थापित किया है लेकिन उनकी हालिया फिल्म बागी 4 बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। भारी बजट में बनी इस फिल्म का कलेक्शन निराशाजनक रहा और इसे फ्लॉप माना गया। हालांकि टाइगर अपनी फिटनेस और एक्शन स्टाइल के कारण फैंस के बीच अब भी काफी लोकप्रिय हैं।
टाइगर का यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि चमक दमक से भरी फिल्मी दुनिया के सितारे भी मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों से अछूते नहीं हैं। एयरोफोबिया एक आम लेकिन गंभीर समस्या हो सकती है जिसमें व्यक्ति को उड़ान के दौरान अत्यधिक डर और घबराहट महसूस होती है। विशेषज्ञों के अनुसार सही काउंसलिंग और थेरेपी से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
टाइगर का अपने डर को खुले तौर पर स्वीकार करना कई लोगों के लिए प्रेरणा बन सकता है क्योंकि यह दिखाता है कि मदद लेना कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी का कदम है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वह इस डर पर कैसे काबू पाते हैं और आगे अपनी जिंदगी और करियर में किस तरह आगे बढ़ते हैं।
