नई दिल्ली । आज के डिजिटल दौर में किसी भी फिल्म या वेब सीरीज को देखने से पहले ज्यादातर लोग सबसे पहले IMDb रेटिंग चेक करते हैं। 1 से 10 के स्केल पर दी जाने वाली यह रेटिंग दुनिया भर में भरोसे का पैमाना मानी जाती है। लेकिन सवाल उठता है यह सिर्फ साधारण औसत एवरेज है? क्या यहां फर्जी वोटिंग संभव नहीं? दरअसल IMDb का रेटिंग सिस्टम बेहद तकनीकी और फिल्टर-आधारित है जिसे छेड़छाड़ से बचाने के लिए खास तरीके से तैयार किया गया है।
क्या होती है IMDb रेटिंग?
जब आप गूगल पर किसी फिल्म के नाम के साथ IMDb लिखते हैं तो एक पेज खुलता है जिसमें फिल्म की जानकारी के साथ ऊपर रेटिंग दिखाई देती है। यह रेटिंग केवल कुल वोट्स का सीधा औसत नहीं होती। इसके पीछे एक वेटेड एवरेज फॉर्मूला काम करता है जो हर वोट को अलग-अलग वजन वेटेज देता है। यही वजह है कि IMDb की रेटिंग फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज और टीवी शोज के लिए भी भरोसेमंद मानी जाती है।
वेटेड एवरेज सिस्टम कैसे काम करता है?
वेटेड एवरेज सिस्टम कैसे काम करता है?
IMDb पर करोड़ों यूजर्स फिल्में रेट करते हैं लेकिन हर यूजर के वोट की वैल्यू समान नहीं होती। प्लेटफॉर्म ऐसे यूजर्स को ज्यादा महत्व देता है जो लंबे समय से सक्रिय हैं नियमित रूप से रेटिंग देते हैं और जिनकी गतिविधि सामान्य और विश्वसनीय मानी जाती है। इसके विपरीत नए या संदिग्ध अकाउंट से दिए गए वोट्स का असर कम होता है। यानी अगर कोई व्यक्ति सिर्फ किसी खास फिल्म को प्रमोट करने या बदनाम करने के लिए नया अकाउंट बनाकर 10/10 या 1/10 की बाढ़ ला दे तो उसका प्रभाव सीमित रहेगा। यही वेटेड एवरेज मॉडल IMDb की विश्वसनीयता की सबसे बड़ी वजह है।
फर्जी वोट्स और स्पैम को कैसे फिल्टर किया जाता है?
अक्सर बड़ी फिल्मों के रिलीज होते ही रेटिंग बमबारी देखी जाती है या तो फिल्म को जानबूझकर कम रेटिंग दी जाती है या फिर 10/10 देकर हाइप बनाने की कोशिश की जाती है। IMDb का एल्गोरिद्म ऐसे असामान्य पैटर्न यानी आउटलायर्स को पहचान लेता है। अगर सिस्टम को लगता है कि कोई रेटिंग अस्वाभाविक है या किसी अभियान का हिस्सा है तो उस वोट का असर अंतिम स्कोर पर बहुत कम कर दिया जाता है। इस तरह स्पैम और फर्जीवाड़े को काफी हद तक रोका जाता है जिससे रेटिंग अपेक्षाकृत संतुलित बनी रहती है।
टॉप 250 फिल्मों की लिस्ट कैसे बनती है?
IMDb की प्रसिद्ध टॉप 250 सूची के लिए अलग और ज्यादा सख्त फॉर्मूला अपनाया जाता है जिसे बेयसियन एस्टीमेट कहा जाता है। इसमें केवल नियमित और भरोसेमंद वोटर्स के वोट गिने जाते हैं। साथ ही किसी फिल्म को सूची में शामिल होने के लिए न्यूनतम वोटों की सीमा पार करनी होती है। इसी कारण कई बार हजारों वोट मिलने के बाद भी किसी फिल्म की रैंकिंग बदल जाती है या वह सूची से बाहर हो जाती है। यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि केवल स्थिर और व्यापक रूप से सराही गई फिल्में ही शीर्ष सूची में जगह बना सकें।
क्यों माना जाता है भरोसेमंद?
हालांकि कोई भी सिस्टम पूरी तरह त्रुटिरहित नहीं हो सकता लेकिन एडवांस एल्गोरिद्म वेटेड वोटिंग और स्पैम फिल्टरिंग के कारण IMDb रेटिंग अपेक्षाकृत विश्वसनीय मानी जाती है। यही वजह है कि दुनिया भर के सिनेप्रेमी किसी फिल्म की गुणवत्ता का पहला अंदाजा IMDb स्कोर से ही लगाते हैं।
