नई दिल्ली । बॉलीवुड के प्रसिद्ध सिंगर उदित नारायण आज 1 दिसंबर को 68 साल के हो गए हैं। उदित नारायण का जन्म बिहार के छोटे से गांव सुपौल में हुआ था। उनका जन्म 1 दिसंबर 1955 को एक मैथिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था जहाँ उनके पिता हरेकृष्ण झा एक किसान थे और मां भुवनेश्वरी झा एक लोक गायिका थीं। इस परिवार में संगीत का माहौल था जो उनके करियर की नींव बना।
शुरुआत और संघर्ष
उदित नारायण का बचपन से ही संगीत के प्रति गहरा प्रेम था, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें मंच पर प्रदर्शन करने का अवसर नहीं मिल पा रहा था। वे छोटे-छोटे कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे लेकिन सफलता का कोई बड़ा रास्ता नहीं मिल रहा था। इसके चलते वे काफी निराश हो गए थे और उनके माता-पिता भी उनके करियर के बारे में चिंतित हो गए थे। कई दोस्तों ने उन्हें अध्ययन जारी रखने की सलाह दी थी लेकिन उदित का मन संगीत में ही बसा था।
उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ तब आया जब नेपाल में उन्हें एक मैथिली गाने का मौका मिला। इस गाने को सुनकर कुछ लोगों ने उन्हें रेडियो पर गाने की सलाह दी। 1971 में काठमांडू रेडियो पर गाने का मौका मिलने के बाद उनका करियर नया मोड़ लेने लगा। उनका पहला गाना ‘सुन-सुन-सुन पनभरनी गे तनी घुरीयो के ताक’ श्रोताओं के बीच काफी प्रसिद्ध हुआ और धीरे-धीरे वे नेपाल के संगीत जगत में नाम कमाने लगे।
मुंबई में संघर्ष
उदित नारायण का सपना बॉलीवुड में गाने का था लेकिन शुरुआत में उनके पास पैसे की तंगी थी। मुंबई पहुंचे तो उन्होंने किसी भी तरह से अपना पेट पालने के लिए होटल में काम करना शुरू किया जहां उन्हें 100 रुपये महीने की सैलरी मिलती थी। लेकिन उनका जुनून संगीत के लिए कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने भारतीय विद्या भवन में संगीत की शिक्षा ली जिससे उनके गाने की तकनीकी समझ और बेहतर हुई।
पत्नी दीपा का समर्थन
उदित नारायण की जीवन साथी दीपा ने उनका साथ बहुत दिया। दीपा ने 1979 में एक संगीत निर्देशक से कहा कि अगर उदित नारायण गाना गाते हैं तो वह इसमें अपना पैसा लगा देंगी। यही वह समय था जब दीपा ने उदित से मन ही मन प्रेम करना शुरू किया था। उनका यह विश्वास उदित नारायण के लिए संजीवनी साबित हुआ और वह लगातार आगे बढ़ते गए।
बॉलीवुड में पहला ब्रेक
उदित नारायण का बॉलीवुड में पहला ब्रेक 1980 में फिल्म उन्नीस बीस से मिला जिसमें उन्होंने गाना मिल गया गाया। इस गाने ने उन्हें बॉलीवुड में पहचान दिलाई और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनका संगीत करियर तब से लगातार सफलता की ओर बढ़ता गया। उनकी आवाज़ ने उन्हें बॉलीवुड के शीर्ष गायकों में शुमार कर दिया।
सफलता की ओर बढ़ते कदम
उदित नारायण ने समय-समय पर बॉलीवुड में कई सुपरहिट गाने गाए जिनमें तुमने दिल लगाया मेरे हंसी पहली नजर जो भी मैं जैसे गाने शामिल हैं। उनकी आवाज़ ने न केवल बॉलीवुड के संगीत प्रेमियों के दिलों में जगह बनाई बल्कि वह भारतीय संगीत उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए।
आज भी उदित नारायण की आवाज़ लोगों के दिलों में बसी हुई है और उनका संघर्ष युवाओं को यह संदेश देता है कि मेहनत और लगन से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है कि जब तक आप अपने लक्ष्य की ओर पूरी मेहनत और समर्पण से बढ़ते रहते हैं तब तक कोई भी कठिनाई आपको सफलता से दूर नहीं रख सकती।
