नई दिल्ली :बॉलीवुड के दो दिग्गज सितारे जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित जब एक साथ ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के मंच पर पहुंचे तो यादों का कारवां मानों ठहर सा गया। कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के साथ गुफ्तगू के दौरान जग्गू दादा ने अपनी चिर-परिचित बेबाकी और मासूमियत के साथ माधुरी दीक्षित की जमकर तारीफ की। जैकी ने माधुरी को न केवल एक बेहतरीन अदाकारा बताया बल्कि उन्हें जमीन से जुड़ी हुई एक ऐसी शख्सियत करार दिया जिसकी सादगी का जादू आज भी बरकरार है। बातचीत के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए जैकी ने बताया कि भले ही पर्दे पर उन्होंने कई रोमांटिक किरदार निभाए हों लेकिन असल जिंदगी में वह माधुरी के साथ रोमांटिक सीन फिल्माते समय बुरी तरह शर्माया करते थे।
यादों के झरोखे को खोलते हुए माधुरी दीक्षित ने अपनी पहली मुलाकात का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात मशहूर फिल्म ‘कर्मा’ के सेट पर हुई थी। उस वक्त माधुरी फिल्म इंडस्ट्री में नई थीं और फिल्म में एक छोटे से गाने का हिस्सा थीं। माधुरी ने हंसते हुए याद किया कि कैसे अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ एक कोने में बैठकर उन्हें ‘तिरछी नजरों’ से देख रहे थे।
उस समय की अपनी घबराहट को याद करते हुए माधुरी ने बताया कि दो बड़े स्टार्स के सामने वह काफी नर्वस महसूस कर रही थीं। वहीं दूसरी ओर जैकी श्रॉफ ने बताया कि उन्होंने माधुरी के बारे में सबसे पहले मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान से सुना था। सरोज खान ने ही सुभाष घई को माधुरी के हुनर और खूबसूरती के बारे में बताते हुए उन्हें कास्ट करने की सलाह दी थी।
शो के दौरान जब कपिल शर्मा ने चुटकी लेते हुए जैकी से पूछा कि वे रिहर्सल छोड़कर माधुरी को क्यों निहारते रहते थे तो जग्गू दादा ने बेहद दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया कि कई बार आपको माधुरी जैसी शख्सियत के सामने खुद को भूलना पड़ता है।
उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी याद दिलाया कि माधुरी ने उनके साथ हर तरह के रिश्ते निभाए हैं-वे पर्दे पर उनकी प्रेमिका पत्नी और यहाँ तक कि ‘संगीत’ फिल्म में उनकी सास का किरदार भी निभा चुकी हैं। जैकी ने स्वीकार किया कि माधुरी की आंखों में देखकर बात करना या उनके साथ रोमांटिक गाने शूट करना उनके लिए सबसे कठिन काम होता था।
जैकी श्रॉफ ने अपनी झिझक का कारण बताते हुए कहा कि वह कभी भी पर्दे पर निजी भावनाओं को दिखाने के आदी नहीं थे। उनके अनुसार फिल्म भले ही काल्पनिक हो लेकिन कुछ भावनाएं और इमोशन्स बहुत व्यक्तिगत होते हैं जो दिल में बसते हैं।
ऐसे में माधुरी जैसी प्रभावशाली अभिनेत्री के सामने अभिनय करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। जैकी और माधुरी की यह जुगलबंदी न केवल दर्शकों के लिए मनोरंजन लेकर आई बल्कि बॉलीवुड के उस सुनहरे दौर की यादें भी ताजा कर गई जहाँ सम्मान और सादगी ही रिश्तों की बुनियाद हुआ करती थी।