संपन्न पेंशन पोर्टल कंट्रोलर जनरल ऑफ कम्युनिकेशन अकाउंट्सCGCA द्वारा विकसित किया गया है। दूरसंचार विभाग ने इस पहल के तहत अपने सभी पेंशनरों को इंटीग्रेशन की जानकारी दे दी है। अब पेंशनर पोर्टल पर अपने पीपीओ नंबर को दर्ज कर गेट डॉक्यूमेंट पर क्लिक करेंगे और सिस्टम उनके अनुरोध के अनुसार आवश्यक दस्तावेज तैयार कर देगा।संचार मंत्रालय के अनुसार इस कदम से पेंशनर सीधे अपने डिजीलॉकर अकाउंट में कम्युनिकेशन स्वीकृति आदेश फॉर्म-16 और अन्य अहम दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। इससे दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और कागज की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त होगी। साथ ही बैंकिंग मेडिकल रिइंबर्समेंट या अन्य आधिकारिक प्रक्रियाएं पहले से अधिक आसान और त्वरित हो जाएंगी।
दिल्ली के प्रधान संचार लेखा नियंत्रक आशीष जोशी ने कहा कि यह पहल पेंशनरों के समय और पैसे की बचत करेगी क्योंकि उन्हें अब कागजी दस्तावेजों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम पेंशनरों को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाता है और पेपरलेस डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।पेंशनर इस सेवा का उपयोग डिजीलॉकर.गव.इन पर आधार के माध्यम से लॉगिन करके कर सकते हैं। लॉगिन के बाद अपना पीपीओ नंबर लिंक कर तुरंत जरूरी दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 दिसंबर 2018 को देश को समर्पित किया गया संपन्न पोर्टल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पेंशनर-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हुआ है। इस पोर्टल के माध्यम से पेंशन की पूरी प्रक्रिया – आवेदन प्रोसेसिंग ई-पीपीओ जारी करना भुगतान लेखा-जोखा ऑडिट और शिकायत निवारण – पूरी तरह डिजिटल हो गई है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों की जिंदगी आसान हुई है।सरकार की यह पहल न केवल पेंशनरों की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने में भी एक अहम कदम साबित होगी।
