नई दिल्ली।अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने वित्त वर्ष 2025–26 में 5 गीगावाट (5,051 मेगावाट) से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़कर अपनी कुल परिचालन क्षमता 19.3 गीगावाट तक पहुंचा दी है। चीन को छोड़कर यह किसी भी कंपनी द्वारा एक साल में की गई सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड क्षमता वृद्धि मानी जा रही है।
नई क्षमता का विवरण
नई जोड़ी गई क्षमता में 3.4 गीगावाट सौर ऊर्जा, 0.7 गीगावाट पवन ऊर्जा और 1 गीगावाट पवन-सौर हाइब्रिड क्षमता शामिल है। कंपनी के अनुसार, यह हर साल लगभग 1 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगी। कुल 19.3 गीगावाट क्षमता सालाना 3.6 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन ऑफसेट करने में सक्षम है।
एजीईएल का लक्ष्य और वैश्विक महत्व
एजीईएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि 5 गीगावाट से अधिक नई क्षमता जोड़ना भारत के रिन्यूएबल ऊर्जा सेक्टर के लिए अहम मोड़ है। इससे भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा में अग्रणी देश के रूप में पहचान मिलेगी और लो-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ने में मदद मिलेगी। यह उपलब्धि 2030 तक 50 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम है।
खावड़ा प्रोजेक्ट: दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल ऊर्जा केंद्र
ज्यादातर नई क्षमता गुजरात के खावड़ा में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में जोड़ी गई है। 538 वर्ग किलोमीटर में फैले इस प्रोजेक्ट में अब तक 9.4 गीगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है और 2029 तक 30 गीगावाट का लक्ष्य है।
बैटरी स्टोरेज और तकनीकी उन्नयन
कंपनी ने खावड़ा में 1,376 मेगावाट-घंटे की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) क्षमता भी शुरू की है। यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन प्रोजेक्ट्स में से एक है और सिर्फ 8 महीनों में पूरा किया गया। इसके जरिए ग्रिड की स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग में मदद मिलती है।
सोलर और पवन टेक्नोलॉजी का इनोवेशन
एडवांस बाइफेशियल सोलर मॉड्यूल्स दोनों तरफ से सूरज की रोशनी लेकर बिजली बनाते हैं।
सोलर ट्रैकर्स से उत्पादन अधिकतम किया जाता है।
5.2 मेगावाट के पवन टर्बाइन दुनिया के सबसे शक्तिशाली ऑनशोर टर्बाइनों में शामिल हैं।
पानी रहित रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम से सोलर पैनल की सफाई होती है, जिससे लगभग शून्य पानी की जरूरत पड़ती है और दक्षता बढ़ती है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026 में 5 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा जोड़कर भारत और दुनिया में रिकॉर्ड दर्ज किया। खावड़ा प्रोजेक्ट और बीईएसएस क्षमता के साथ कंपनी स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन कम करने के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन रही है, जबकि सोलर और पवन टेक्नोलॉजी में नवाचार से उत्पादन और दक्षता दोनों बढ़ रही है।
