क्या है कंपनी का प्लान?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ के जरिए रिलायंस ग्रुप की यह कंपनी अपनी 2.50 परसेंट की हिस्सेदारी बेचकर 4.5 अरब डॉलर जुटा सकती है. इसी के साथ यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है. इससे पहले साल 2025 में ह्युडई मोटर इंडिया 3.3 अरब डॉलर का आईपीओ लेकर आई थी इसलिए अभी तक का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड इसी कंपनी के नाम है.
जेरोधा वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, “अगस्त 2025 में 48वीं रिलायंस इंडस्ट्रीज AGM में मुकेश अंबानी ने औपचारिक रूप से कहा था कि जियो IPO के लिए फाइल करने की सभी तैयारियां कर रहा है. उन्होंने बताया कि कंपनी भारतीय मार्केट अथॉरिटीज से सभी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद 2026 के पहले छमाही में जियो को लिस्ट करने का प्लान बनाकर चल रही है इसलिए रिलायंस जियो IPO के जून 2026 तक भारतीय प्राइमरी मार्केट में आने की उम्मीद है.
कितना है GMP?
रिलायंस जियो IPO GMP बिगुल के मुताबिक, रिलायंस जियो IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल 93 रुपये प्रति शेयर चल रहा है. इसका मतलब है कि कंपनी के शेयर DRHP फाइलिंग से काफी पहले ग्रे मार्केट में उपलब्ध हैं. जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि कंपनी आईपीओ के जरिए 2.50 परसेंट हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. इससे पहले, मार्केट रेगुलेटर सेबी IPO लाने वाली बड़ी कंपनियों के लिए शेयर बिक्री का न्यूनतम साइज 5 परसेंट की जगह घटाकर 2.5 परसेंट करने का प्रस्ताव लेकर आई थी, जो अभी वित्त मंत्रालय की मंजूरी के अधीन है.
कितना रहेगा प्राइस बैंड?
रिलायंस जियो IPO की अनुमानित प्राइस बैंड को लेकर बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी ने कहा, “कंपनी के बताए गए वैल्यूएशन रेंज 130 बिलियन डॉलर से 170 बिलियन डॉलर के हिसाब से और रिटेल इन्वेस्टर्स को 15-20 परसेंट तक डिस्काउंट मिलने की बात को लेकर चले, तो रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिलायंस जियो IPO शेयर की अनुमानित कीमत 1,048 से 1,457 प्रति शेयर के बीच रहने की संभावना है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आखिर में कौन सा वैल्यूएशन बैंड तय होता है.’
