IPO से पहले 8 जनवरी 2026 को एंकर निवेशकों से 273.13 करोड़ रुपये जुटाए गए। इसमें LIC सबसे बड़ा निवेशक रही, जिसने 78 करोड़ रुपये के 3.39 करोड़ शेयर खरीदे। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और बंधन म्यूचुअल फंड ने 75-75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
BCCL IPO का स्ट्रक्चर:
यह पूरी तरह से OFS (Offer for Sale) है, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रही है।
प्राइस बैंड: 21–23 रुपये
कुल शेयर: 46.57 करोड़
रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट: 600 शेयर (ऊपरी प्राइस बैंड पर 13,800 रुपये)
अलॉटमेंट स्ट्रक्चर:
रिटेल: 35%
QIB: 50%
NII: 10%
कोल इंडिया शेयरधारकों के लिए 107 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित
IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की रिपोर्ट भी सामने आई है।
पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप लगभग 10,711 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, और लिस्टिंग के बाद कोल इंडिया की हिस्सेदारी 90% रहेगी।
BCCL के फायदे और निवेश के कारण:
देश में सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक
7.91 अरब टन का अनुमानित कोल रिजर्व
34 ऑपरेशनल माइंस
FY23–FY25 के दौरान बिक्री और मुनाफा क्रमशः 5% और 37% CAGR से बढ़ा
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और विश्वसनीय ट्रैक रिकॉर्ड
जोखिम जिन पर नजर रखनी जरूरी है:
कोल रिजर्व में लंबी अवधि में कमी
टॉप 10 ग्राहकों पर 80% से अधिक निर्भरता
रिन्यूएबल
निवेशक इस IPO में कट-ऑफ प्राइस पर सब्सक्राइब कर सकते हैं, जबकि लिस्टिंग गेन के लिए उत्सुक लोग भी इसे देख सकते हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम 50% के करीब होने के कारण यह IPO शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग के लिए आकर्षक नजर आता है, लेकिन निवेशकों को लंबी अवधि के जोखिमों का ध्यान रखना जरूरी है।
