लोन की ग्रोथ: रिटेल और SME का योगदान
31 मार्च तक बैंक के कुल लोन (ग्रॉस एडवांस) सालाना आधार पर लगभग 17 प्रतिशत बढ़कर 25 लाख करोड़ रुपए हो गए, जबकि एक साल पहले यह 21.4 लाख करोड़ रुपए थे। तिमाही आधार पर लोन की ग्रोथ मध्यम रही, जिसमें मुख्य रूप से रिटेल और SME सेगमेंट ने योगदान दिया। कॉरपोरेट लोनिंग सीमित और संतुलित रही।
जमा की धीमी बढ़त और सीएएसए पर दबाव
बैंक की कुल जमा राशि लगभग 23.5 लाख करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले 20.5 लाख करोड़ रुपए थी। हालांकि, डिपॉजिट की ग्रोथ लोन के मुकाबले धीमी रही, जिससे C-D रेशियो ऊंचा बना रहा। कम लागत वाले डिपॉजिट (CASA) की ग्रोथ भी धीमी रही, जिससे CASA रेशियो 37-38 प्रतिशत पर आ गया। इससे स्पष्ट होता है कि कड़े लिक्विडिटी माहौल में सस्ते फंड जुटाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बोर्ड बैठक और डिविडेंड
एचडीएफसी बैंक का बोर्ड 18 अप्रैल को बैठक करेगा, जिसमें मार्च तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इस बैठक में FY 2026 के लिए डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा और इसके लिए रिकॉर्ड डेट तय की जाएगी।
आगे की रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि बैंक के लिए डिपॉजिट ग्रोथ बढ़ाना, CASA बढ़ाना और मार्जिन को स्थिर बनाए रखना सबसे अहम होगा। बैंक वर्तमान में कुछ गवर्नेंस मामलों को भी संभाल रहा है और आंतरिक सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, खासकर थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स की बिक्री प्रक्रिया में।
कानूनी और आंतरिक कार्रवाई
पूर्व नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई फिलहाल शुरू नहीं की गई है। इसके अलावा, 2018-19 में एटी-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग मामले में बैंक ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड किया और 12 अन्य कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया।
एचडीएफसी बैंक में मार्च तिमाही में लोन की ग्रोथ जमा से तेज रही, जिससे C-D रेशियो ऊंचा बना। बोर्ड बैठक 18 अप्रैल को होगी, जिसमें ऑडिटेड नतीजे और डिविडेंड पर निर्णय लिया जाएगा। बैंक CASA बढ़ाने और आंतरिक सिस्टम मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
