मुंबई में वाणिज्यिक दौरा और प्रमुख मुलाकातें
अपने कार्यकाल की शुरुआत में सर्जियो गोर सबसे पहले मुंबई यात्रा पर पहुंचे। वहां उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की और दोनों ने सहयोग बढ़ाने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की, जिसमें नई अमेरिकी तकनीक शामिल है। इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए गोर ने कहा, “आरबीआई के गवर्नर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हमने सहयोग बढ़ाने के क्षेत्रों पर चर्चा की।”
इसके अलावा गोर ने टाटा कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से भी मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि यह एक ऐसा समूह है जिसकी 150 साल पुरानी विरासत है और जिसकी अमेरिका में मजबूत मौजूदगी है।
ट्रेड और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
नई दिल्ली में अपने पहले दिन अमेरिकी राजदूत ने भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच 13 जनवरी से ट्रेड वार्ता फिर से शुरू हो गई है और अगली बैठक मंगलवार को होगी। गोर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश होने के कारण डील अंतिम रूप देना आसान काम नहीं है, लेकिन अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड, सुरक्षा, काउंटर टेररिज्म, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग जारी रहेगा।
भारत अमेरिका का सबसे अहम साझेदार
सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि आने वाले महीनों और सालों में उनका उद्देश्य एक बड़ा एजेंडा पूरा करना है। उनका मानना है कि दोनों देश सच्चे रणनीतिक साझेदार बनकर काम करेंगे, जिसमें सम्मान, ताकत और नेतृत्व दोनों तरफ से आएगा।
इस तरह, सर्जियो गोर का कार्यकाल भारत-अमेरिका सहयोग को नई ऊँचाई पर ले जाने और दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
