बैठक में मंत्री ने ‘फार्मर आईडी’ प्रणाली को तेज करने के निर्देश दिए ताकि खाद और बीज का वितरण पूरे देश में समान और बिना बांट के हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए जल्द ही बैठक की जाएगी। इसके अलावा, मंत्री ने कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और राज्य अमेरिकियों को कड़े कदम उठाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
बैठक में कृषि निकायों और बीज सुखाने के लिए जरूरी गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए रोपण सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता पर भी ध्यान दिया गया। मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य पशुओं के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आए। कृषि क्षेत्र की निगरानी के लिए एक ‘स्पेशल सेल’ बनाया गया है, जो चौबीसों घंटे काम करेगा और हर हफ्ते खाद, बीज और किसानों की उपलब्धता की रिपोर्ट सीधे कृषि मंत्री को देगा।
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने और किसानों तक जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 दशकों में देश में कृषि उत्पादन लगभग 44 प्रतिशत बढ़ा है और कई किसानों की आय दोगुनी हुई है। केंद्र सरकार किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर रिकॉर्ड खरीद भी शामिल है।
