पुरानी व्यवस्था ही लागू, जानिए क्या हैं स्थिर नियम
मंत्रालय के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट रिफिल शॉक के लिए पहले लागू होने वाले समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वर्तमान की व्यवस्था शहरी क्षेत्र में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन का अंतर लागू है। यह नियम सभी कोचिंग पर समान रूप से लागू होता है, वायर वे जलाजा योजना के लाभार्थी हों या सामान्य कनेक्शन धारक। सरकार ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग वर्ग के लिए अलग-अलग समय-सीमा तय करने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। ऐसे में पढ़ाई को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और वे पहले किसी तरह ही अपना गैस शॉक करा सकते हैं।
स्टॉक स्टॉक, पुरालेख में कोई कमी नहीं
सरकार ने इस बात की गारंटी दी है कि देश में किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता के साथ काम कर रही हैं और हाल ही में हजारों टन टन के सामान की आपूर्ति की गई है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल का भी स्वायत्त स्टॉक मौजूद है और एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ऑर्थोडॉक्स में बाइबिल बुक से परहेज किया जा सकता है, क्योंकि इसका मतलब यह है कि ऑर्थोडॉक्स कट्टरपंथियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सरकार की तैयारी मजबूत, स्थिर जा रही क्षमता
कंपनी ने बताया कि गियरबॉक्स को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। नए संसाधनों को जोड़ा जा रहा है और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्यों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पाइप्ड पिज्जा गैस याने क्वालिटी कनेक्शन का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे घरेलू पिज्जा पर दबाव कम हो सके। एक ही दिन में हजारों नए गैजेट कनेक्शन जारी किए गए, जिसमें सरकार की तैयारी और क्षमताएं शामिल हैं।
