पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट एक फिक्स्ड-इनकम स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसमें निवेशक अपनी पसंद की अवधि के लिए एकमुश्त राशि जमा कर सकते हैं और तय अवधि के बाद गारंटीड ब्याज प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में इस योजना पर 1 साल से लेकर 5 साल की अवधि के लिए 6.90% से 7.50% तक की ब्याज दर मिल रही है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा और स्थिरता है। चूंकि यह वित्त मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है, इसलिए इसमें निवेश का जोखिम लगभग नगण्य है। निवेशक अपनी सुविधा अनुसार 1, 2, 3 या 5 साल की अवधि में पैसा लगा सकते हैं। न्यूनतम निवेश केवल 1,000 रुपये है और इसके बाद 1,000 रुपये के मल्टीपल में कोई भी राशि जमा की जा सकती है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है, जिससे बड़े निवेशक भी आसानी से इसमें पैसा लगा सकते हैं।
लिक्विडिटी के मामले में भी यह स्कीम निवेशकों के लिए बेहद लाभकारी है।
अब बात करते हैं 7 लाख रुपये के निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की। यदि कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली टाइम डिपॉज़िट स्कीम में 7.50% ब्याज दर पर ₹7,00,000 एकमुश्त जमा करता है, तो 60 महीने बाद उसे लगभग ₹3,14,964 सिर्फ ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे। मैच्योरिटी के समय कुल राशि लगभग ₹10,14,964 बन जाएगी। इस रिटर्न की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह गारंटीड है और इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता।
टैक्स के नजरिए से भी यह स्कीम निवेशकों के लिए फायदेमंद है। 5 साल की टाइम डिपॉज़िट पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत सालाना ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। हालांकि, स्कीम से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना अनिवार्य है और अगर सालाना ब्याज तय सीमा से ज्यादा होता है तो TDS कट सकता है। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंडिंग के साथ की जाती है और ब्याज का भुगतान सालाना होता है।
कुल मिलाकर, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम उन लोगों के लिए एक बेहतरीन निवेश विकल्प है जो सुरक्षित, गारंटीड और जोखिम-रहित रिटर्न चाहते हैं। 7 लाख रुपये के निवेश पर 5 साल में 10 लाख रुपये से अधिक का फंड तैयार होना इस बात का सबूत है कि यह योजना लंबी अवधि के लिए भरोसेमंद और मजबूत निवेश विकल्प साबित हो सकती है।
