सेक्टरों में मिला-जुला रुख, आईटी ने दिखाई मजबूती
शुरुआती सत्र में जहां एक ओर निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑटो इंडेक्स टॉप लूजर्स के रूप में उभरे, वहीं कुछ सेक्टरों ने मजबूती भी दिखाई। निफ्टी आईटी एकमात्र ऐसा प्रमुख सेक्टर रहा जो हरे निशान में कारोबार करता दिखा। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस, रियल्टी, इंडिया डिफेंस, प्राइवेट बैंक, कंजप्शन, मेटल और इंफ्रा में सीमित खरीदारी देखने को मिली। हालांकि यह तेजी बाजार की कुल गिरावट को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 561 अंक यानी 1.02 प्रतिशत गिरकर 54,769 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 130 अंक यानी 0.82 प्रतिशत टूटकर 15,766 पर आ गया।
दिग्गज शेयरों का प्रदर्शन: आईटी चमका, बैंकिंग और ऑटो दबाव में
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में आईटी कंपनियों ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की। एचसीएल टेक, टीसीएस, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा सन फार्मा और ट्रेंट भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर बैंकिंग, ऑटो और इंफ्रा से जुड़े शेयरों में गिरावट हावी रही। बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, एक्सिस बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, मारुति सुजुकी, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड जैसे बड़े शेयर नुकसान में रहे, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
वैश्विक संकेतों का असर, अमेरिका-ईरान तनाव बना वजह
एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। टोक्यो, सोल और जकार्ता में जहां तेजी देखी गई, वहीं शंघाई और हांगकांग के बाजार गिरावट के साथ खुले। अमेरिकी बाजार गुरुवार को पहले ही गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में आई कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। शांति वार्ता की समय सीमा नजदीक आने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। हालांकि बाद में इस समय सीमा को आगे बढ़ा दिया गया, जिससे कुछ राहत की उम्मीद जरूर बनी, लेकिन शुरुआती कारोबार में इसका सकारात्मक असर नहीं दिखा।
निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी, उतार-चढ़ाव के बीच सीमित मौके
विशेषज्ञों का मानना है कि खबरों के आधार पर बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। मौजूदा परिस्थितियों में बाजार में सीमित अवसर ही दिखाई दे रहे हैं, इसलिए जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी है।
