कारोबार के दौरान लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पीएसयू बैंक रियल्टी इंडिया डिफेंस मेटल फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का रुझान जोखिम लेने की ओर दिखाई दिया जिससे बाजार को व्यापक समर्थन मिला।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों की बात करें तो एसबीआई टाइटन टाटा स्टील अल्ट्राटेक सीमेंट इटरनल बीईएल कोटक महिंद्रा बैंक ट्रेंट इंडिगो एमएंडएम एलएंडटी अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स में मजबूत तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को ऊपरी स्तरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं दूसरी ओर पावर ग्रिड आईटीसी एनटीपीसी आईसीआईसीआई बैंक इन्फोसिस एचडीएफसी बैंक टेक महिंद्रा और मारुति जैसे शेयरों में दबाव देखा गया और ये शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसके बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही।
बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जारी साझा बयान को माना जा रहा है। रविवार सुबह जारी इस बयान के अनुसार भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा कई उत्पादों पर ड्यूटी को शून्य रखा गया है। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है और इसी उम्मीद ने बाजार को नई ऊर्जा दी।
लार्जकैप शेयरों के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 938.45 अंक की तेजी के साथ 60,441.15 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 447.25 अंक चढ़कर 17,385.90 के स्तर पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी व्यापक आधार पर रही।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने बाजार की चाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी हालांकि शुरुआती कारोबार में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बाद बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और अंत में निफ्टी 25,867 के स्तर पर बंद हुआ।
उन्होंने आगे बताया कि निफ्टी के लिए 25,970 से 26,000 का स्तर एक अहम रुकावट है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करता है तो आने वाले सत्रों में 26,200 और 26,400 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं गिरावट की स्थिति में 25,780 से 25,750 के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है।कुल मिलाकर भारत अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है और निवेशकों को आगे भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नजर आ रही है।
