नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2025 आईपीओ के लिहाज से बेहद शानदार रहा है। अब इस साल के आखिरी पड़ाव पर निवेश का एक और मौका सामने आया है। हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी मॉडर्न डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर Modern Diagnostic and Research Centre अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम IPO लेकर आ रही है। यह इस साल का आखिरी और नए साल की शुरुआत करने वाला आईपीओ होगा।
IPO का शेड्यूल और साइज
मॉडर्न डायग्नोस्टिक का आईपीओ निवेश के लिए 31 दिसंबर 2025 को खुलेगा और निवेशक 2 जनवरी 2026 तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से 36.89 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। खास बात यह है कि यह आईपीओ पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ Fresh Issue पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी और इसका इस्तेमाल कंपनी के विस्तार और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी कुल 41 लाख नए शेयर जारी करेगी।
प्राइस बैंड और निवेश की सीमा
कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 85 रुपये से 90 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। चूंकि यह SME सेगमेंट का आईपीओ है, इसलिए इसमें लॉट साइज सामान्य आईपीओ की तुलना में काफी बड़ा रखा गया है।मॉडर्न डायग्नोस्टिक आईपीओ का एक लॉट 1600 शेयरों का है।कंपनी के निर्देशों के अनुसार, निवेशकों को कम से कम 2 लॉट के लिए आवेदन करना होगा।इस लिहाज से, एक रिटेल निवेशक को कम से कम 2,88,000 रुपये का निवेश करना होगा।यह आईपीओ बीएसई एसएमई BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा, जो छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए एक विशेष एक्सचेंज सेगमेंट है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम GMP की स्थिति
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जीएमपी Grey Market Premium फिलहाल शांत नजर आ रहा है। बाजार विशेषज्ञों और ‘इन्वेस्टर गेन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, Modern Diagnostic IPO का जीएमपी आज जीरो ₹0 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि फिलहाल ग्रे मार्केट में इस शेयर को लेकर कोई अतिरिक्त हलचल या प्रीमियम नहीं देखा जा रहा है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सब्सक्रिप्शन की तारीख करीब आएगी, बाजार की धारणा में बदलाव हो सकता है।
कंपनी का प्रोफाइल और भविष्य
1985 में स्थापित हुई यह कंपनी पिछले करीब चार दशकों से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए हुए है। कंपनी मुख्य रूप से पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाएं प्रदान करती है। इनके पोर्टफोलियो में टेस्ट पैकेज, होम कलेक्शन और ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। वर्तमान में कंपनी का नेटवर्क काफी मजबूत है:कुल 21 सेंटर का संचालन। इनमें 18 लैब और 3 डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं।कंपनी के पास एक बड़ा ‘इंस्टीट्यूशनल कस्टमर’ बेस है, जो इसकी आय का एक मुख्य स्रोत है।
प्रबंधन और रजिस्ट्रार
प्रबंधन और रजिस्ट्रार
इस पब्लिक इश्यू के प्रबंधन की जिम्मेदारी बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है, जो बुक रनिंग लीड मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, आईपीओ के लिए MUFG Intime India को आधिकारिक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जो अलॉटमेंट और रिफंड की प्रक्रिया को संभालेंगे।हेल्थकेयर सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग और कंपनी के पुराने अनुभव को देखते हुए, लंबी अवधि के निवेशक इसे अपनी वॉचलिस्ट में रख सकते हैं। हालांकि, SME आईपीओ में जोखिम और लिक्विडिटी की स्थिति को ध्यान में रखना अनिवार्य है।
