नई दिल्ली ।भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बीते एक सप्ताह के दौरान हलचल तेज रही है। लंबे समय की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर ‘यू-टर्न’ लिया है और निवेशकों के चेहरों पर चमक लौट आई है। बीते हफ्ते दोनों कीमती धातुओं में जोरदार उछाल देखने को मिला, लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस हालिया तेजी के बावजूद सोना और चांदी अपने ऑल-टाइम हाई लेवल से अब भी काफी रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। खास तौर पर चांदी की बात करें तो यह अपने जीवनकाल के उच्चतम स्तर से अभी भी 1.67 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती मिल रही है, जो खरीदारों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो चांदी की कीमतों में बीते सप्ताह जबरदस्त रिकवरी दर्ज की गई है। हफ्ते भर के भीतर चांदी 8,584 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हुई है। 13 फरवरी को जहां चांदी 2,44,360 रुपये पर बंद हुई थी, वहीं शुक्रवार तक यह उछलकर 2,52,944 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, यदि हम इसकी तुलना 29 जनवरी के उस ऐतिहासिक दिन से करें जब चांदी ने पहली बार 4 लाख का आंकड़ा पार करते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलो का “लाइफ टाइम हाई” छुआ था, तो मौजूदा भाव अब भी 1,67,104 रुपये प्रति किलोग्राम कम है। चांदी की कीमतों में आया यह “क्रैश” उन लोगों के लिए मुफीद है जो लंबी अवधि के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं।
चांदी की ही राह पर चलते हुए सोने ने भी बीते सप्ताह अपनी चमक बिखेरी है। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना हफ्ते भर में 981 रुपये महंगा होकर 1,56,876 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। सोने की कहानी भी चांदी जैसी ही है; बीते महीने 29 जनवरी को सोना भागते हुए 1,93,096 रुपये के शिखर पर पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद आई भारी गिरावट की वजह से यह अब भी अपने हाई लेवल से लगभग 36,220 रुपये सस्ता बना हुआ है।
घरेलू बाजार की बात करें तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट के अनुसार, शुद्धता के आधार पर सोने की कीमतों में भी बदलाव आया है। वर्तमान में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,55,066 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। वहीं, आभूषणों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,51,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। इसके अलावा, 20 कैरेट सोने का रेट 1,38,010 रुपये और 18 कैरेट का भाव 1,25,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह हालिया रिकवरी वैश्विक अनिश्चितताओं का परिणाम हो सकती है, लेकिन हाई लेवल से भारी गिरावट के कारण अभी भी बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है।
