नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। इस बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बुधवार को अचानक भड़क गए। घटना तब हुई जब आरजेडी सांसद अभय सिन्हा सदन में फोटो खींच रहे थे। स्पीकर ने तुरंत कहा कि आज फोटो खींच लिया अगर भविष्य में ऐसा हुआ तो कार्रवाई करनी पड़ेगी। सदन की गरिमा बनाए रखें।
दरअसल संसद में फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर सख्त नियम हैं। सदन के अंदर सांसद, पत्रकार या अन्य किसी को मोबाइल या कैमरे से फोटो लेने, वीडियो बनाने या लाइव रिकॉर्डिंग करने की अनुमति नहीं होती। केवल लोकसभा टीवी, राज्यसभा टीवी या संसद सचिवालय के अधिकृत कैमरे ही कार्यवाही रिकॉर्ड कर सकते हैं। मोबाइल का कैमरा ऑन करना सेल्फी लेना या फोटो लेने की कोशिश आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है और अध्यक्ष या सभापति तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं।
संसद परिसर में कुछ स्थानों पर ही फोटो की अनुमति होती है लेकिन सुरक्षा से जुड़े क्षेत्र, समिति कक्ष और सांसदों के प्रवेश द्वार पर फोटो लेना मना है। पत्रकारों को केवल उन क्षेत्रों में शूटिंग की अनुमति होती है जिन्हें संसद सचिवालय ने मंजूरी दी हो। नियमों का उल्लंघन करने पर चेतावनी, अनुशासनात्मक कार्रवाई या भविष्य में प्रतिबंध जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसी बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक विवादित बयान ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। उन्होंने हिंदू धर्म के देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म में तीन करोड़ देवता हैं और विभिन्न प्रकार के देवता अलग-अलग व्यवहार वाले लोगों के लिए हैं। उन्होंने नाम लेकर कुछ देवी-देवताओं का जिक्र किया और उनके अनुसार विभिन्न प्रकार के लोगों के लिए अलग-अलग देवता मौजूद हैं।
इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान AIMIM से दोस्ती के कारण हिंदुओं के प्रति अहंकारी और अपमानजनक है। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि कांग्रेस का मतलब मुसलमान है और मुसलमान का मतलब कांग्रेस है। जी किशन रेड्डी ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वे अपनी ताकत दिखाएं। पूर्व तेलंगाना भाजपा प्रमुख बंदी संजय कुमार ने भी मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे हिंदू देवी-देवताओं का अपमान बताया और कहा कि कांग्रेस हमेशा AIMIM के आगे झुकने वाली पार्टी रही है। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी का बयान कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है और यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस हिंदुओं के प्रति नफरत रखती है।
बंदी संजय कुमार ने हिंदू समुदाय से आग्रह किया कि वे गंभीरता से सोचें और एकजुट होकर अपनी ताकत प्रदर्शित करें, ताकि बार-बार अपमान का सामना न करना पड़े। बीजेपी नेताओं ने इस बयान को कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति और हिंदुओं के प्रति उसके रवैये का प्रमाण बताया। संसद के भीतर और राजनीतिक मैदान में यह घटनाक्रम स्पष्ट करता है कि सांसदों और नेताओं की हर हरकत पर निगरानी है और नियमों का उल्लंघन तुरंत विवाद का कारण बन सकता है। वहीं राजनीतिक बयानबाजी अक्सर धार्मिक भावनाओं से जुड़कर बड़ी प्रतिक्रिया पैदा कर देती है। इस मामले में भी संसद की आचार संहिता और लोकतांत्रिक गरिमा पर जोर देते हुए स्पीकर ने अपनी सख्ती दिखाई जबकि राज्य स्तर पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव भी बढ़ता दिखाई दिया।
