स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि गड्ढा काफी समय से खुला हुआ था और इसे दिल्ली जल बोर्ड ने खोदा था। लोगों का कहना है कि नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और लापरवाही जारी रही। युवक पालम से जनकपुरी की तरफ आ रहा था और वह सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में गिर गया। बताया जा रहा है कि युवक गंभीर रूप से घायल होने के कारण पूरी रात वहीं फंसा रहा जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया:
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि घटना की गंभीर जांच की जाएगी। इसके लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी प्रकार की लापरवाही या कमी पाई जाती है तो ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
AAP का आरोप:
दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक मासूम बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरकर रातभर फंसा रहा और उसकी मौत हो गई लेकिन दिल्ली की बीजेपी सरकार ने इससे कोई सबक नहीं लिया। वे रोज झूठ बोलते हैं।
पिछला मामला:
हाल ही में नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क पर गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटा दिया और एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
