नई दिल्ली !यह खबर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद संबित पात्रा द्वारा कांग्रेस पार्टी और वामपंथी दलों के समर्थकों पर लगाए गए गंभीर आरोपों से संबंधित है। संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि कांग्रेस के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स भारत से नहीं, बल्कि विदेशों से संचालित हो रहे हैं, और ये अकाउंट्स भारत के खिलाफ एक नकारात्मक एजेंडा और नैरेटिव फैलाने का काम कर रहे हैं।
संबित पात्रा के चौंकाने वाले दावे: विदेशों से चल रहे कांग्रेस के सोशल अकाउंट्स
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर यह बड़ा आरोप लगाया है कि वह देश के बाहर बैठे तत्वों के साथ मिलकर भारत विरोधी नैरेटिव (narrative) स्थापित करने की कोशिश कर रही है। उनका दावा एक्स (पहले ट्विटर) प्लेटफॉर्म के एक फीचर के विश्लेषण पर आधारित है, जिसके अनुसार कांग्रेस के कई संगठनात्मक और व्यक्तिगत नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स की लोकेशन भारत की बजाय अन्य देशों में दिखाई दे रही है।
विदेशों में कांग्रेस अकाउंट्स की कथित लोकेशन
पात्रा ने कुछ विशिष्ट उदाहरणों का हवाला दिया, जिनसे उनके दावे को बल मिलता है:
पवन खेड़ा (Pawan Khera): उनका अकाउंट कथित तौर पर अमेरिका में बेस्ड दिखाई दिया।
महाराष्ट्र कांग्रेस (Maharashtra Congress): पात्रा के अनुसार, इस अकाउंट की लोकेशन पहले आयरलैंड से जुड़ी हुई थी, हालांकि बाद में इसे बदलकर भारत कर दिया गया।
हिमाचल कांग्रेस (Himachal Congress): इस संगठनात्मक अकाउंट को थाईलैंड से जुड़ा हुआ बताया गया।
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से, कांग्रेस, राहुल गांधी और वामपंथी दलों के प्रमुख चेहरे लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश का अपमान करने में लगे हुए हैं।
भारत विरोधी एजेंडा: पाकिस्तान, बांग्लादेश और साउथ ईस्ट एशिया से समर्थन
पात्रा का मुख्य दावा यह है कि यह केवल कुछ अकाउंट्स की लोकेशन का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित साजिश है। उन्होंने कहा कि कई वामपंथी और कांग्रेस समर्थक इन्फ्लुएंसर्स पड़ोसी देशों और दक्षिण-पूर्वी एशिया से काम कर रहे हैं।
पाकिस्तान और बांग्लादेश से इन्फ्लुएंसर्स
संबित पात्रा ने स्पष्ट रूप से दावा किया कि ये इन्फ्लुएंसर्स पाकिस्तान, बांग्लादेश और साउथ ईस्ट एशिया में बैठे हुए हैं और लगातार भारत के खिलाफ एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा पर हमला करते हुए कहा कि ‘कांग्रेस का काम देश को बांटना है और इसलिए विदेशों से मिलकर भारत के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।’
पात्रा ने इस बात पर जोर दिया कि कई विदेशी अकाउंट्स भारत की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि इन अकाउंट्स से भारत के चुनाव आयोग (Election Commission) पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
विदेशी प्लेटफॉर्म्स से सेट किए जा रहे तीन तरह के नैरेटिव
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि इस संगठित साजिश के तहत विदेशी प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके भारत में तीन प्रमुख प्रकार के भारत विरोधी नैरेटिव सेट किए जा रहे हैं:
1. वोट चोरी का नैरेटिव
पहला और सबसे गंभीर आरोप यह है कि एक नैरेटिव यह गढ़ा जा रहा है कि भारत में वोट चोरी हो रही है। पात्रा ने अर्पित शर्मा नाम के एक अकाउंट का उल्लेख किया, जिसे यूरोप बेस्ड बताया गया। उनके अनुसार, इस अकाउंट ने ‘वोट चोरी’ के बारे में लिखा और देश की संवैधानिक संस्था को नीचा दिखाने की कोशिश की।
2. ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)
दूसरा नैरेटिव जिसे सेट करने की कोशिश की जा रही है, उसे पात्रा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कमज़ोर दिखाने की कोशिश करना है। यह सीधे तौर पर देश के शीर्ष नेतृत्व की छवि को धूमिल करने की रणनीति बताई गई।
3. संघ और मोदी के खिलाफ लगातार हमले
तीसरा नैरेटिव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार हमलावर होना है। यह नैरेटिव भारतीय राजनीति में एक विशेष विचारधारा के विरोध को भड़काने पर केंद्रित है।
पात्रा ने सिंगापुर बेस्ड एक अकाउंट का भी जिक्र किया, जिससे भारत के चुनाव आयोग के लिए आपत्तिजनक ट्वीट किए गए। उनके अनुसार, ये उदाहरण सिद्ध करते हैं कि यह संगठित साजिश देश को बदनाम करने और अस्थिर करने के लिए चलाई जा रही है।
निष्कर्ष
संबित पात्रा द्वारा लगाए गए ये दावे भारतीय राजनीति और सोशल मीडिया के उपयोग पर गंभीर प्रश्न उठाते हैं। बीजेपी सांसद का यह आरोप है कि कांग्रेस और वामपंथी समर्थकों का एक नेटवर्क विदेशों से सक्रिय रूप से भारत के लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और नेतृत्व के खिलाफ एक नकारात्मक माहौल बनाने में जुटा हुआ है। पात्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘देश को बांटने’ और ‘भारत के खिलाफ माहौल बनाने’ की सुनियोजित रणनीति बताया है। यह मामला दर्शाता है कि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप अब देश की सीमाओं से बाहर जाकर, वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के उपयोग और उनके लोकेशन डेटा तक पहुँच गए हैं। इस दावे की सच्चाई और इसके पीछे के वास्तविक उद्देश्य अभी भी जांच का विषय बने हुए हैं।
