नई दिल्ली। UPSC की दुनिया में जाने-माने कोचिंग शिक्षक अवध ओझा ने राजनीति से संन्यास लेने का बड़ा फैसला कर लिया है। कुछ ही महीनों की राजनीतिक पारी के बाद उन्होंने यह घोषणा करते हुए कहा कि राजनीति छोड़ने का उनका निर्णय पूरी तरह व्यक्तिगत है और इसे किसी राजनीतिक दबाव विवाद या असहमति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
AAP नेतृत्व के प्रति जताया आभार
अवध ओझा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान राजनीति छोड़ने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर आम आदमी पार्टी AAP को आधिकारिक रूप से अपने निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने लिखा: आदरणीय अरविंद जी मनीष जी, संजय जी और सभी AAP पदाधिकारी कार्यकर्ता और नेता-आप सभी का दिल से धन्यवाद। जो प्रेम और सम्मान आपने दिया उसका मैं हमेशा ऋणी रहूंगा। राजनीति से संन्यास मेरा व्यक्तिगत निर्णय है। अरविंद जी आप एक बहुत महान नेता हैं। जय हिंद। ओझा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें सम्मान दिया और उन्होंने जो भी अनुभव प्राप्त किए वे हमेशा उनके साथ रहेंगे।
पटपड़गंज के मतदाताओं का भी जताया धन्यवाद
अवध ओझा ने एक और पोस्ट में पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र के लोगों को भी धन्यवाद दिया। इसी क्षेत्र से उन्होंने AAP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।उन्होंने लिखा: पटपड़गंज के लोगों का विशेष धन्यवाद जिन्होंने मुझे बहुत प्यार दिया। जय हिंद। AAP में शामिल होने के बाद ओझा ने मनीष सिसोदिया की पुरानी सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन उन्हें भाजपा उम्मीदवार रवि नेगी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी के नेताओं के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
राजनीति मेरे लिए नहीं-पॉडकास्ट में साझा किया अनुभव
कुछ दिनों पहले एक पॉडकास्ट में ओझा ने बताया था कि शुरुआत में वे चुनाव लड़ने को लेकर काफी उत्साहित थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि राजनीति उनके स्वभाव और कार्यशैली के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति से दूर रहने के बाद उन्हें अधिक संतुष्टि और खुशी मिल रही है। ओझा ने कहा: अब मुझे पूरी स्वतंत्रता है कि मैं जो चाहूँ बोल सकूँ। पार्टी लाइन के अनुसार बोलने की बाध्यता अब नहीं है। राजनीति से संन्यास मेरा व्यक्तिगत निर्णय है, ताकि मैं अपने विचारों और अनुभवों को बेझिझक साझा कर सकूँ।
