पुलिस और बैंक सूत्रों के मुताबिक जब शाखा के ब्रांच मैनेजर अनुपस्थित थे तब किरन कुमार के पास लॉकर का एक्सेस था। उन्होंने लगातार छोटे-छोटे हिस्सों में सोना चुराना शुरू किया और धीरे-धीरे ग्राहकों के करीब 2.70 किलो सोने पर कब्जा कर लिया।
यह मामला 2 जनवरी को तब उजागर हुआ जब एक ग्राहक अपने गहने निकालने बैंक गया और लॉकर में छेड़छाड़ पाई। जांच में पता चला कि बैंक के 21 लॉकरों से गहने गायब हैं जबकि तीन लॉकर पूरी तरह खाली कर दिए गए थे। इसके बाद बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और बैंगलुरु पुलिस ने किरन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
विशेषज्ञों के अनुसार यह फ्रॉड पिछले साल तेलंगाना में एसबीआई बैंक के कैशियर द्वारा किए गए बड़े घोटाले की याद दिलाता है। उस मामले में कैशियर ने 10 महीने की योजना के तहत ग्राहकों के 14 करोड़ रुपये और 20 किलो सोना हड़प लिया था।
अब बैंगलुरु में हुए इस फ्रॉड की जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि ग्राहक अपने लॉकर की सामग्री की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए सावधान रहें। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आरोपी से पूछताछ के बाद चोरी किए गए सोने की वापसी और अन्य संभावित अपराधियों की पहचान की जाएगी। यह घटना एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा और कर्मचारियों पर भरोसे के बीच खतरनाक अंतर दिखाती है और ग्राहकों के लिए चेतावनी है कि उन्हें अपनी संपत्ति की निगरानी व्यक्तिगत रूप से भी करनी चाहिए।
