नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव 2026 के लिए मतदान सुबह से जारी है और यह शाम 5:30 बजे तक चलेगा। मुंबई समेत राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मतदान होना है, जिसमें बृहन्मुंबई नगर निगमBMC विशेष रूप से राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। मुंबई के 227 वार्डों में कुल 1,700 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जबकि शहर के 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। मुंबई पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई है, वाहनों की जांच की जा रही है और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए महिलाओं द्वारा संचालित पिंक पोलिंग बूथ बनाए गए हैं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मदद के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके परिवार ने मतदान कर अपनी स्याही लगी उंगलियां दिखाई। फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने जनता से मतदान करने की अपील की। इसी तरह, वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम ने मतदान के बाद अपने अनुभव साझा किए और मुंबई में पहली बार वोट डालने का महत्व बताया।बॉलीवुड सेलेब्स और राजनीतिक दिग्गज भी मतदान में सक्रिय रहे। सलमान खान के पिता और प्रसिद्ध लेखक सलीम खान ने माउंट मेरी चर्च में पोलिंग बूथ पर वोट डाला। शिवसेनायूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य ठाकरे भी मतदान केंद्र पहुंचे। मुंबई में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे अपने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे और उन्होंने मार्कर पेन से मतदान के तरीके पर सवाल उठाए, साथ ही मतदान प्रक्रिया में हेराफेरी की चेतावनी दी।
मतदाता अनुभव और शिकायतें
कुछ मतदाताओं ने मतदान के दौरान समस्याओं की शिकायत की। शिवसेनायूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था और उन्हें दूसरे पोलिंग सेंटर पर भेजा गया। इसके अलावा, कल्याण से एमएनएस उम्मीदवार उर्मिला तांबे ने आरोप लगाया कि उंगलियों पर लगी स्याही मिटाने की शिकायतें सत्ताधारी पार्टी की मदद के लिए हो रही हैं।हालांकि निर्वाचन आयोग के पीआरओ ने बताया कि मार्कर पेन का इस्तेमाल नई बात नहीं है। आयोग ने कहा कि 2012 से यह तरीका अपनाया जा रहा है और स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान के बाद उंगलियों पर निशान लगाने के लिए पारंपरिक रूप से मार्कर पेन का उपयोग किया जाता है।मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी। सुरक्षा, पारदर्शिता और मतदाता सुविधा को लेकर किए गए कदमों के बावजूद चुनाव में बढ़ते राजनीतिक दाव-पेंच और मतदान प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।