राज ठाकरे की पार्टी MNS का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। मुंबई की 227 सीटों में MNS केवल 5 सीटों पर बढ़त दर्ज कर पा रही है। कल्याण-डोंबिवली में 122 सीटों में सिर्फ 4 सीट, ठाणे की 131 सीटों में केवल 1 सीट, नासिक की 122 सीटों में सिर्फ 2 सीट और नवी मुंबई की 1 सीट पर ही पार्टी आगे है।
पूरे महाराष्ट्र में MNS को केवल 12 सीटें मिलीं, जबकि 22 शहरों में पार्टी का खाता तक नहीं खुला। इन शहरों में पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, भिवंडी, पनवेल, परभणी, जलगांव, धुले, नांदेड़, लातूर, अमरावती, अकोला और चंद्रपुर शामिल हैं।
बीजेपी गठबंधन का प्रदर्शन जोरदार रहा। बीजेपी ने 1064 वार्डों में बढ़त बनाई, वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की। कांग्रेस को 222 सीटें मिली हैं।
मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स ने साथ आकर चुनाव लड़ा, लेकिन MNS को केवल 5 सीटें ही मिलीं।
विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी और शिंदे की शिवसेना ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। दूसरी ओर, MNS और उद्धव की शिवसेना का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे राज ठाकरे की राजनीतिक चमक पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस चुनाव से यह साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी गठबंधन की ताकत और विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जबकि MNS अब सिर्फ कुछ शहरों तक ही सीमित नजर आ रही है।
