सीबीएसई ने यह भी बताया कि यदि किसी स्टूडेंट को एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करवाना है तो उन्हें अगले साल आयोजित होने वाले मेन बोर्ड एग्जाम में शामिल होना होगा। इसका मतलब यह है कि बहु सब्जेक्ट सुधार का विकल्प केवल मेन एग्जाम के माध्यम से ही उपलब्ध रहेगा।
इस बदलाव का असर स्टूडेंट्स पर साफ दिखाई देगा। पहले स्टूडेंट्स रिजल्ट आने के बाद आसानी से कई सब्जेक्ट्स में सुधार कर सकते थे लेकिन अब उन्हें सावधानीपूर्वक तैयारी करनी होगी और केवल एक विषय में ही सप्लीमेंट्री का विकल्प मिलेगा। इससे स्टूडेंट्स को अपने एग्जाम प्रदर्शन पर ध्यान देने और बेहतर तैयारी करने की आवश्यकता बढ़ जाएगी।
सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड 2026 के सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटिव शेड्यूल भी जारी कर दिया है। बोर्ड के अनुसार सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। मई 2026 में 12वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित किया जाएगा और इसके बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। स्टूडेंट्स को इसके लिए बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर का पालन करना होगा।
इस नए नियम से स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा तैयारी की रणनीति बदल जाएगी क्योंकि उन्हें केवल एक सब्जेक्ट में सुधार के मौके का लाभ उठाना होगा। बहु सब्जेक्ट सुधार के लिए उन्हें अगले साल मेन एग्जाम की तैयारी करनी होगी। यह कदम स्टूडेंट्स में जिम्मेदारी और तैयारी के प्रति गंभीरता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
सीबीएसई ने यह भी बताया कि यदि किसी स्टूडेंट को एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करवाना है तो उन्हें अगले साल आयोजित होने वाले मेन बोर्ड एग्जाम में शामिल होना होगा। इसका मतलब यह है कि बहु सब्जेक्ट सुधार का विकल्प केवल मेन एग्जाम के माध्यम से ही उपलब्ध रहेगा।
इस बदलाव का असर स्टूडेंट्स पर साफ दिखाई देगा। पहले स्टूडेंट्स रिजल्ट आने के बाद आसानी से कई सब्जेक्ट्स में सुधार कर सकते थे लेकिन अब उन्हें सावधानीपूर्वक तैयारी करनी होगी और केवल एक विषय में ही सप्लीमेंट्री का विकल्प मिलेगा। इससे स्टूडेंट्स को अपने एग्जाम प्रदर्शन पर ध्यान देने और बेहतर तैयारी करने की आवश्यकता बढ़ जाएगी।
सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड 2026 के सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटिव शेड्यूल भी जारी कर दिया है। बोर्ड के अनुसार सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। मई 2026 में 12वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित किया जाएगा और इसके बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। स्टूडेंट्स को इसके लिए बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर का पालन करना होगा।
इस नए नियम से स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा तैयारी की रणनीति बदल जाएगी क्योंकि उन्हें केवल एक सब्जेक्ट में सुधार के मौके का लाभ उठाना होगा। बहु सब्जेक्ट सुधार के लिए उन्हें अगले साल मेन एग्जाम की तैयारी करनी होगी। यह कदम स्टूडेंट्स में जिम्मेदारी और तैयारी के प्रति गंभीरता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
