नई दिल्ली। संसद (Parliament) में कम उपस्थिति को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सांसदों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। प्रधानमंत्री का यह बयान उस वक्त आया, जब संसद (MP) के बजट सत्र (Budget Session) में न सिर्फ विधायी कामकाज बल्कि राजनीतिक चर्चाओं और शीर्ष नेतृत्व के सख्त रुख को लेकर भी चर्चा हो रही थी।
मंगलवार को संसद परिसर में प्रधानमंत्री ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में सांसदों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल जनता के मुद्दों को उठाने के लिए ही नहीं, बल्कि संसद में अधिक समय बिताने के लिए चुने गए हैं। मोदी ने सांसदों को नसीहत देते हुए कहा, “आपको संसद में बैठकर जनता के मुद्दों को सुलझाना है, न कि कैफेटेरिया में समय बर्बाद करना।”
वहीं, एक दिलचस्प घटनाक्रम में, संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू की मुलाकात हुई। नायडू सीढ़ियों पर अपनी कार का इंतजार कर रहे थे, तभी खरगे ने उनसे कर्नाटक के कलबुर्गी हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं बहाल करने का मुद्दा उठाया। खरगे ने यह मुद्दा उठाते हुए मंत्री से पूछा, “सेवाएं कब बहाल होंगी?” नायडू ने जल्दी ही सेवा बहाल होने का आश्वासन दिया, लेकिन खरगे ने मंत्री से समयसीमा के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।
यह घटनाक्रम साफ दर्शाता है कि विपक्ष अपने क्षेत्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है, खासकर उन मामलों पर जो जनता के लिए अहम हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह चेतावनी सांसदों को संसद में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करने की कोशिश है, ताकि वे जनता के लिए अधिक काम कर सकें और सदन की कार्यवाही को निर्बाध रूप से चला सकें।
