नई दिल्ली । कांग्रेस और बीजेपी के बीच एक नए विवाद की शुरुआत उस AI वीडियो से हुई है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाय बेचते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में मोदी हल्के नीले कोट और काले पैंट में नजर आ रहे हैं हाथ में चाय की केतली और गिलास पकड़े हुए हैं। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय झंडे और तिरंगा लहरा रहे हैं, जो दृश्य को और अधिक राजनीतिक और प्रतीकात्मक बना देते हैं। यह वीडियो AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जनरेट किया गया है और कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। वीडियो के वायरल होने के कुछ ही समय बाद बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करार दिया और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे मोदी के ‘चायवाला बैकग्राउंड का मजाक उड़ाने का एक और प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक मेहनती प्रधानमंत्री जो OBC ऑल इंडिया बैकग्राउंड समुदाय से आते हैं को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले भी मोदी का अपमान किया है और इस वीडियो के जरिए एक बार फिर उनका मजाक उड़ाया जा रहा है।
उनका यह भी कहना था कि मोदी को 150 बार अपमानित किया गया है यहां तक कि उनकी मां को भी निशाना बनाया गया है। पूनावाला ने चेतावनी दी कि देश इसे कभी माफ नहीं करेगा। कांग्रेस और बीजेपी के बीच यह टकराव कोई नया नहीं है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी के चायवाला बैकग्राउंड पर कांग्रेस के नेताओं ने विवादित बयान दिए थे। 2014 में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने यह कहा था कि मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते और यदि चुनाव हारते हैं तो कांग्रेस अधिवेशन में चाय बेचने का काम करेंगे। यह बयान बीजेपी के लिए बड़ा मुद्दा बन गया और उन्होंने इसे चाय पे चर्चा के रूप में एक राजनीतिक अभियान के रूप में पेश किया। इस अभियान में मोदी ने देशभर में लोगों से सीधे संवाद किया और यह मोदी की लोकप्रियता में इजाफा करने वाला साबित हुआ।इसके बाद 2017 में युवा कांग्रेस ने एक मीम जारी किया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ाया गया था।
हालांकि यह पोस्ट बाद में हटा दी गई थी, लेकिन इसका भी राजनीतिक विरोध हुआ था। इस संदर्भ में शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए ऐसे प्रयास यह साबित करते हैं कि पार्टी के कुछ लोग मोदी के ‘चायवाला’ होने को लेकर संवेदनशील हैं और वह इसे किसी भी अवसर पर उठाते हैं। यह AI वीडियो खासतौर पर उस समय विवाद का कारण बना जब प्रधानमंत्री मोदी को इस तरीके से प्रस्तुत किया गया, जैसे वह किसी भव्य कार्यक्रम में चाय बेच रहे हों। कांग्रेस ने इसे एक तरह से मोदी के चायवाला इमेज का मजाक उड़ाने के रूप में देखा, जबकि बीजेपी ने इसे कांग्रेस के निरंतर आक्रमणों का हिस्सा माना। बीजेपी के आरोपों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी एक ऐसे प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती जो अपने साधारण जीवन से उठकर देश के सबसे बड़े पद तक पहुंचे हैं।
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी तीव्र प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। बीजेपी समर्थक जहां इसे मोदी का अपमान मान रहे हैं वहीं कांग्रेस इसे मोदी के व्यक्तिगत जीवन और उनकी पहचान से जुड़ी राजनीति का हिस्सा मानते हैं। एक ओर जहां बीजेपी इसे मोदी के खिलाफ जारी लगातार हमलों का हिस्सा मान रही है वहीं कांग्रेस इसे सिर्फ एक हास्यपूर्ण वीडियो के रूप में देख रही है जिसमें कोई गंभीर उद्देश्य नहीं था। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक और उदाहरण है उस लंबी राजनीतिक लड़ाई का जो नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से लगातार जारी है। AI वीडियो के इस विवाद ने एक बार फिर से राजनीति की दुनिया में सोशल मीडिया के प्रभाव को उजागर किया है जहां एक छोटी सी घटना भी बड़े राजनीतिक सवालों और बहसों को जन्म देती है।
यह विवाद इस बात को प्रमाणित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन हमेशा से कांग्रेस के लिए एक बड़ा मुद्दा रहा है। मोदी के ‘चायवाला’ बैकग्राउंड से लेकर उनके कार्यकाल की राजनीति तक हर पहलू पर राजनीतिक लड़ाई जारी रहती है। AI वीडियो का यह ताजा विवाद केवल इस राजनीतिक संघर्ष का एक नया अध्याय है जो आने वाले समय में और भी कई विवादों का कारण बन सकता है।
