उड़ानों पर प्रभाव और बदलाव
एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 600 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ने की संभावना है। यह समय दिल्ली एयरपोर्ट के सबसे व्यस्त स्लॉट्स में से एक होता है, जब यात्री विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते हैं। इसलिए, उड़ानों के रद्द होने, री-शेड्यूलिंग और ऑपरेशनल रुकावटों से हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हो सकती है। कम समय में सूचना मिलने की वजह से एयरलाइंस को अपने शेड्यूल में बदलाव करने में परेशानी हो सकती है, और यात्रियों को वैकल्पिक रूट्स, टिकट रिफंड और री-शेड्यूलिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे एयरलाइंस पर अतिरिक्त खर्च का बोझ भी पड़ेगा।
क्यों किया जा रहा है एयरस्पेस बंद
गणतंत्र दिवस के दौरान दिल्ली में होने वाले फ्लाईपास्ट और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए, दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया कर्तव्य पथ पर होने वाली सैन्य परेड, वायुसेना के फ्लाईपास्ट और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सुरक्षित बनाने के लिए की जाती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उड़ानें पूरी तरह से रद्द हो जाएंगी। ज्यादातर उड़ानों के समय में बदलाव किया जाएगा, और यात्रियों को अन्य उड़ानों में समायोजित किया जाएगा।
यात्रियों के लिए सुझाव
अगर आपकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट से तय तारीख और समय पर आ रही या जा रही है, तो यह जरूरी है कि आप अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल एयरलाइंस के रिकॉर्ड में अपडेट रखें ताकि किसी भी बदलाव या कैंसलेशन की स्थिति में एयरलाइंस आपसे तुरंत संपर्क कर सके। अगर उड़ान रद्द होती है तो एयरलाइंस आमतौर पर यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड का विकल्प देती है। हालांकि अंतिम समय में टिकट के बदलाव या नई बुकिंग में हवाई किराया पहले की तुलना में अधिक हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उपलब्ध वैकल्पिक फ्लाइट्स को प्राथमिकता दें और यात्रा से पहले एयरलाइंस की अद्यतन जानकारी जरूर जांच लें।
