नई दिल्ली । साल 2025 में जहाँ भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की वहीं जून महीने ने देश को गहरे जख्म भी दिए। एक के बाद एक दर्दनाक हादसों ने सैकड़ों परिवारों को बर्बाद किया और देशभर में शोक की लहर दौड़ा दी। इन घटनाओं में कहीं आस्था की भीड़ जानलेवा बन गई कहीं उत्सव मातम में बदल गया और कहीं तकनीकी खामियां और लापरवाही ने सैकड़ों घरों के चिराग बुझा दिए।
प्रमुख हादसों में शामिल घटनाएं -प्रयागराज महाकुंभ जनवरी
29 जनवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में भारी भगदड़ के कारण 37 लोग मारे गए। संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी जब बैरिकेड टूटने से लोग एक-दूसरे के नीचे दब गए। इस घटना में 30 महिलाएं और 7 पुरुष अपनी जान गंवा बैठे।
दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ फरवरी
15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 लोग मारे गए। प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और ट्रेन के देरी से आने की अफवाह के कारण अफरातफरी मच गई जिससे यह हादसा हुआ।
गोवा नाइट क्लब अग्निकांड दिसंबर
6 दिसंबर की रात गोवा के एक नाइट क्लब में लगी आग ने देश को झकझोर दिया। आग में 25 लोगों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हुए। यह हादसा गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
हवाई दुर्घटना एयर इंडिया बोइंग 787 जून
12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 260 लोग मारे गए। विमान दुर्घटना ने पूरे देश को हिला दिया और इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।
जश्न के दौरान भगदड़ बेंगलुरु जून
4 जून को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर आईपीएल के जश्न के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई। इस भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। उत्साह और अव्यवस्था के बीच यह घटना कई परिवारों के लिए दर्द और दुख लेकर आई।
सड़क हादसे तमिलनाडु कर्नाटक और उत्तर प्रदेश दिसंबर
सड़क हादसे तमिलनाडु कर्नाटक और उत्तर प्रदेश दिसंबर
दिसंबर के अंतिम दिनों में हुए तीन बड़े सड़क हादसों में 9 लोग तमिलनाडु के कडलूर में 7 लोग कर्नाटक के चित्रदुर्ग में और 18 लोग उत्तर प्रदेश के मथुरा में मारे गए। इन हादसों में बसों और अन्य वाहनों के बीच टक्कर के कारण आग लग गई और कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे।
तेलंगाना फैक्ट्री विस्फोट जून
तेलंगाना के पाशमेलारम स्थित एक फार्मास्यूटिकल फैक्ट्री में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई। 30 जून को हुए इस विस्फोट ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों की जिंदगी छीन ली और फैक्ट्री के आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ।
देशभर में शोक की लहर
इन घटनाओं ने देश को गहरे जख्म दिए हैं। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया और इन हादसों ने राष्ट्रीय सुरक्षा यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा की गंभीर समस्याओं को उजागर किया। कई स्थानों पर हादसों के कारण सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है विशेषकर सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में।
निरंतर बढ़ते हादसों पर सरकार का ध्यान
इन हादसों के बाद सरकार और संबंधित एजेंसियों ने सुधारात्मक कदम उठाने का वादा किया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल्स को और सख्त करने जन जागरूकता फैलाने और तकनीकी सुधारों पर ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 2025 ने कई क्षेत्रों में भारत की प्रगति को उजागर किया लेकिन इन हादसों ने एक कड़ी चेतावनी दी है कि लोगों की सुरक्षा और जीवन का मूल्य कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
