झारखंड । कर्नाटक के मंगलुरु में एक झारखंड के प्रवासी मजदूर को कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में चार लोगों ने बेरहमी से पीटा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना रविवार को मंगलुरु के बाहरी इलाके कुलूर में हुई, जहां आरोपियों ने मजदूर से उसकी नागरिकता को लेकर सवाल किए और पहचान पत्र दिखाने की मांग की। झारखंड के दिलजान अंसारी पिछले 10 से 15 वर्षों से काम की तलाश में मंगलुरु में रह रहे थे। वह हर साल चार से छह महीने शहर में काम करते हैं।
अंसारी ने आरोपियों को बार-बार बताया कि वह भारतीय नागरिक हैं, लेकिन आरोपियों ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया और उन्हें बांग्लादेशी समझते हुए लगातार परेशान किया। आरोपी अपने शक के आधार पर अंसारी के साथ अपमानजनक व्यवहार करते रहे। इस दौरान एक स्थानीय महिला ने उनकी मदद की और उन्हें आरोपियों के चंगुल से बचाया हालांकि, डर के कारण अंसारी ने शुरू में पुलिस से संपर्क नहीं किया और बिना शिकायत के घर लौट गए। लेकिन बाद में स्थानीय नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।
मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया कि सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि दिलजान अंसारी भारतीय नागरिक हैं और काम के सिलसिले में मंगलुरु आए थे। पुलिस ने कुलूर के निवासी सागर, धनुष, लालू उर्फ रतीश और मोहन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं और जांच जारी है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि देश में प्रवासी श्रमिकों के प्रति भेदभाव और असहिष्णुता का क्या स्तर है, खासकर उन पर जो बाहरी राज्य से आकर काम करते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगे से ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
