पूरा मामला क्या है
आजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक 25 जनवरी को पटना स्थित होटल मौर्या में सुबह 11:30 बजे आयोजित होने वाली है। इस बैठक को पार्टी के भविष्य के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार किया जा सकता है। यदि प्रस्ताव रखा गया तो उस पर अंतिम फैसला RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की सहमति से लिया जाएगा। पार्टी के अंदरखाने में यह चर्चा तेज है कि आने वाले वर्षों की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए तेजस्वी यादव संगठन की कमान और मजबूत रूप से अपने हाथ में लेना चाहते हैं। माना जा रहा है कि यह कदम RJD के नेतृत्व को स्पष्ट करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा में हालिया बदलाव
हाल ही में तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था। बिहार के कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी की समीक्षा केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर की गई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। इस कदम को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक मंशा से जुड़ा बताया था। वहीं सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह फैसला पूरी तरह खतरे के आकलन और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।
तेजस्वी यादव फिलहाल बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। पिछला विधानसभा चुनाव आरजेडी के लिए निराशाजनक रहा था, जहां एनडीए ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की और महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के बाद तेजस्वी यादव को सदन में विपक्ष का नेता चुना गया।
गौरतलब है कि चुनाव के बाद लालू परिवार के भीतर मतभेद भी सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने भाई तेजस्वी यादव पर तीखी टिप्पणी की थी, जिससे राजनीतिक और पारिवारिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसी दौरान तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव को चुनाव से पहले ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद तेज प्रताप ने अलग राजनीतिक दल बनाकर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें चुनावी सफलता नहीं मिल पाई।
