पुलिस ने उन्हें रात करीब 11 बजे रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
धार्मिक भावनाएं आहत करने और आर्म्स एक्ट में हुआ मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार, ज्योति अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने हाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक बयान दिए थे. बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने हाथ में दरांती लहराई और कुमाऊं व पहाड़ी क्षेत्र की महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी की. इसके अलावा उन्होंने कुमाऊं के लोक देवताओं के अस्तित्व और परंपराओं पर भी सवाल खड़े किए, जिसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया.
इन बयानों के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में नाराजगी फैल गई. जिसके बाद शिकायत के आधार पर पुलिस ने ज्योति अधिकारी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और आर्म्स एक्ट से जुड़े प्रावधानों में मुकदमा दर्ज किया. इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने भी बुलाया गया.
साल 2021 से फेसबुक और यूट्यूब पर बनाती थी वीडियो
पूछताछ के दौरान थाने के बाहर ज्योति अधिकारी के समर्थक भी जमा हो गए और हंगामा करते रहे, जिसके बाद पुलिस को दिनभर स्थिति संभालनी पड़ी. शाम होते-होते पुलिस ने ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी की पुष्टि की. पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर हथियार लहराना और उत्तेजक बयान देना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है. ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया पर एक चर्चित चेहरा रही हैं. उन्होंने साल 2021 में फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रूप से वीडियो बनाना शुरू किया था.
वह मुख्य रूप से डांस वीडियो अपलोड करती थीं, लेकिन समय-समय पर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी टिप्पणी करती नजर आती थीं. बीते कुछ समय से अंकिता भंडारी मामले को लेकर बनाए गए उनके एक वीडियो खास विवादों में रहा. पुलिस सूत्रों का कहना है कि ज्योति अधिकारी पहले भी अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रह चुकी हैं. इस बार सार्वजनिक सभा में दरांती लहराना और समुदाय विशेष, महिलाओं तथा धार्मिक मान्यताओं पर की गई टिप्पणी उनके लिए भारी पड़ गई. पुलिस ने साफ किया है कि मामले की जांच जारी है और कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
