उद्घाटन और आयोजन स्थल
13 जनवरी को कवरत्ती स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इस शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। शिविर 17 जनवरी तक चलेगा और लक्षद्वीप के पांच द्वीप-अमीनी, एंड्रॉथ, अगत्ती, कवरत्ती और मिनिकॉय-में विस्तारित किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार यह विशाल पैमाने का चिकित्सा शिविर दूरदराज के नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिविर में व्यापक स्वास्थ्य जांच, शीघ्र निदान, समय पर चिकित्सकीय परामर्श, जरूरी उपचार और निशुल्क दवाओं का वितरण द्वीपवासियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करेगा।
बहु-विशेषज्ञ सेवाएं और मोतियाबिंद ऑपरेशन
शिविर में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी समेत बुनियादी और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं की व्यवस्था है। कवरत्ती में नेत्र विज्ञान टीम मोतियाबिंद रोगियों के ऑपरेशन कर रही है, जबकि मरीजों को चश्मे, आई ड्रॉप्स और दवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
सरकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों के अनुरूप
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के उद्देश्यों के अनुरूप है। शिविर ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ के वैश्विक स्वास्थ्य दर्शन के अनुसार उपचारात्मक, निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय प्रस्तुत करता है।
नौसेना प्रमुख के विचार
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि यह पहल तीन दृष्टियों से अनूठी है-समन्वय, जिसमें तीनों सशस्त्र सेवाएं और स्थानीय प्रशासन मिलकर कार्य कर रहे हैं; विस्तार, जिसमें कई विशेषज्ञ शामिल हैं; और पैमाना, जिसमें बड़ी संख्या में चिकित्सा स्टाफ तैनात है। इससे नागरिक सैन्य सहयोग और अंतर-सेवा समन्वय मजबूत होता है।
आधुनिक सुविधाओं और सहयोगी स्टाफ
शिविर में देशभर के विभिन्न रक्षा चिकित्सा प्रतिष्ठानों से 29 मेडिकल अधिकारी, 2 नर्सिंग अधिकारी और 42 पैरामेडिकल कर्मी तैनात हैं। साथ ही जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक उपकरण, स्टोर और दवाओं से सपोर्ट किया गया है।
यह बहु-विशेषज्ञ मेडिकल शिविर भारतीय नौसेना और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की सेवा-भावना, जिम्मेदारी और लक्षद्वीप के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
