नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का डर तेज़ हो गया है। नॉर्थ 24 परगना जिले के बारासात में दो नर्सें वायरस से संक्रमित पाई गईं हैं, जिनमें से एक नर्स कोमा में है और दूसरी वेंटिलेटर पर जीवनरक्षक उपचार ले रही है। दोनों नर्सों का इलाज उसी प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है जहां वे कार्यरत हैं। उनके संपर्क में आए 45 लोगों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए हैं, जबकि उनकी देखभाल करने वाले एक डॉक्टर में भी वायरस के लक्षण देखे गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, एक नर्स हाल ही में कटवा (ईस्ट बर्धमान) से अपने होमटाउन लौटी थी, जहां वह बीमार पड़ी।
उसे पहले स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, फिर हालत गंभीर होने पर बर्धमान मेडिकल कॉलेज और अंततः स्पेशल एम्बुलेंस से बारासात अस्पताल लाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों नर्सों को अलग वार्ड में रखा है और सैंपल जांच के लिए कल्याणी एम्स भेजे गए हैं। निपाह वायरस संक्रमण की शुरुआती रिपोर्ट से संक्रमण की पुष्टि हुई है।
वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है।
राज्य में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। निपाह वायरस की मृत्यु दर काफी अधिक है और यह तेजी से फैल सकता है। इसलिए संक्रमित मामलों की सूचना तुरंत केंद्र सरकार को देना अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क पहनने और संपर्क में आए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु से बचने की सलाह दी है।
इस घटना ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं और पूरे इलाके में संक्रमण रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। बारासात अस्पताल में मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए गए हैं और स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं। साथ ही, संक्रमण फैलने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं।
