नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने रक्षा क्षेत्र में खुद को तेजी से मजबूत किया है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने स्वदेशी डिफेंस कंपनियों के साथ करोड़ों की डील की है। वहीं सेना का फोकस अमेरिका और रूस की सैन्य तकनीक पर भी है। अब सेना अपने पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर को बड़े पैमाने पर अपग्रेड कर रही है। इसके लिए निजी क्षेत्र की बड़ी रक्षा कंपनियां टाटा और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को ऑर्डर मिले हैं। ये कंपनियां पहले भी पिनाका सिस्टम बना चुकी हैं।
इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत, ये दोनों कंपनियां सेना के बेस वर्कशॉप्स के साथ मिलकर काम करेंगी। वे पिनाका के जरूरी पुर्जों को अपग्रेड करेंगी, लगातार तकनीकी सहायता देंगी और पुराने हिस्सों को बदलेंगी। स्वदेशी पिनाका अब सेना का मुख्य रॉकेट सिस्टम बन गया है। इसकी रेंज को 150 किमी से ज्यादा बढ़ाने पर काम चल रहा है।
यह साझेदारी, जिसमें टाटा और L&T भारतीय सेना के ईएमई कोरके साथ काम करेंगी, पिनाका रेजीमेंट की ऑपरेशनल तैयारी और आधुनिकीकरण को बेहतर बनाएगी। L&T के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘यह एक अनोखी साझेदारी है, जिसमें एक घरेलू निजी ओईएम (Original Equipment Manufacturer) और भारतीय सेना, फ्रंटलाइन तोपखाने प्रणालियों के रखरखाव के लिए साथ आए हैं। यह भारत में बने, सेवा में मौजूद तोपखाने प्रणालियों के प्रोडक्ट लाइफसाइकिल सपोर्ट के लिए एक बड़ा कदम है।’
इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत, पहले चरण में 510 ABW के सहयोग से पिनाका लॉन्चर और बैटरी कमांड पोस्ट का एक पायलट ओवरहाल किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद, बाकी सभी सिस्टम्स का ओवरहाल किया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘यह मॉडल अन्य रक्षा प्लेटफॉर्मों पर भी इसी तरह के लाइफसाइकिल मैनेजमेंट और अपग्रेड कार्यक्रमों के लिए एक खाका (Blueprint) का काम करेगा।’
इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत, पहले चरण में 510 ABW के सहयोग से पिनाका लॉन्चर और बैटरी कमांड पोस्ट का एक पायलट ओवरहाल किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद, बाकी सभी सिस्टम्स का ओवरहाल किया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘यह मॉडल अन्य रक्षा प्लेटफॉर्मों पर भी इसी तरह के लाइफसाइकिल मैनेजमेंट और अपग्रेड कार्यक्रमों के लिए एक खाका (Blueprint) का काम करेगा।’
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने भी इस कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि वे पहले से ही पिनाका लॉन्चर के निर्माण में लगभग 80% स्वदेशी सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। टाटा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने बड़ी संख्या में पिनाका एमएलआरएस (MLRS) की आपूर्ति की है, जो वर्तमान में भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशनल रूप से तैनात हैं। इससे कंपनी के लैंड कॉम्बैट सिस्टम्स पोर्टफोलियो को और मजबूती मिली है।’
क्या है पिनाका कार्यक्रम?
पिनाका कार्यक्रम को डीआरडीओ (DRDO) ने विकसित किया है। इसके तहत प्राइवेट सेक्टर आधुनिक हथियारों का निर्माण कर रहा है। यह कार्यक्रम रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ की एक बड़ी सफलता की कहानी बन गया है। पिछले साल सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा घरेलू रक्षा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। यह कॉन्ट्रैक्ट पिनाका रॉकेट के लिए था, जिसकी कीमत 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा थी।
