प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञानयोग का केंद्र रहा है हमारे ऋषि मुनियों ने वेदों उपनिषदों पुराणों और कथावचन के माध्यम से समाज को शिक्षित किया समय के अनुसार उन्होंने परंपराओं में नए अध्याय जोड़े ताकि समाज में शिक्षा और ज्ञान का प्रवाह लगातार बना रहे
पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण के जीवन को साधना और सेवा का उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका जीवन केवल आध्यात्मिक नहीं था बल्कि समाज और मानवता के लिए समर्पित था उन्होंने सरल शब्दों में जीवन का मार्गदर्शन दिया और लोकसेवा के महत्व को समझाया उनके अनुयायी आज भी शिक्षा स्वास्थ्य किसान कल्याण और जल संरक्षण के अभियान चला रहे हैं
प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल स्वच्छता और स्वदेशी अभियानों के महत्व को भी बताया और कहा कि इन प्रयासों से शिक्षापत्री के द्विशताब्दी समारोह का महत्व और बढ़ जाएगा उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन का उल्लेख करते हुए देश के प्राचीन ज्ञान और पांडुलिपियों के संरक्षण में संगठन और नागरिकों से सहयोग करने का आग्रह किया
पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भी जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर की हजार साल की यात्रा को देश इस पर्व के रूप में मना रहा है उन्होंने अनुयायियों से कहा कि इस महोत्सव से जुड़कर इसके उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाएं और देश की विकास यात्रा में भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस द्विशताब्दी समारोह से हमें अपने जीवन में साधना सेवा और शिक्षा के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वामीनारायण शिक्षापत्री के द्विशताब्दी महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान स्वामीनारायण के जीवन और उनके उपदेश भारतवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे हैं इस महोत्सव में भाग लेना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है मोदी ने संतों और अनुयायियों को महोत्सव की शुभकामनाएं दीप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञानयोग का केंद्र रहा है हमारे ऋषि मुनियों ने वेदों उपनिषदों पुराणों और कथावचन के माध्यम से समाज को शिक्षित किया समय के अनुसार उन्होंने परंपराओं में नए अध्याय जोड़े ताकि समाज में शिक्षा और ज्ञान का प्रवाह लगातार बना रहे
पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण के जीवन को साधना और सेवा का उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका जीवन केवल आध्यात्मिक नहीं था बल्कि समाज और मानवता के लिए समर्पित था उन्होंने सरल शब्दों में जीवन का मार्गदर्शन दिया और लोकसेवा के महत्व को समझाया उनके अनुयायी आज भी शिक्षा स्वास्थ्य किसान कल्याण और जल संरक्षण के अभियान चला रहे हैंप्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल स्वच्छता और स्वदेशी अभियानों के महत्व को भी बताया और कहा कि इन प्रयासों से शिक्षापत्री के द्विशताब्दी समारोह का महत्व और बढ़ जाएगा उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन का उल्लेख करते हुए देश के प्राचीन ज्ञान और पांडुलिपियों के संरक्षण में संगठन और नागरिकों से सहयोग करने का आग्रह किया
पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भी जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर की हजार साल की यात्रा को देश इस पर्व के रूप में मना रहा है उन्होंने अनुयायियों से कहा कि इस महोत्सव से जुड़कर इसके उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाएं और देश की विकास यात्रा में भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहेप्रधानमंत्री ने कहा कि इस द्विशताब्दी समारोह से हमें अपने जीवन में साधना सेवा और शिक्षा के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है
