नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनावों में गठबंधन की तरफ से जेएमएम को एक भी सीट नहीं दी गई थी। इस दौरान यह अटकलें लगने लगीं कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के बीच इन अटकलों को और हवा मिल गई। ऐसा कहा जाने लगा कि कल्पना सोरेन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली गए हैं और इस दौरान बीजेपी आलाकमान से मुलाकात के बाद झारखंड का राजनीतिक परिदृश्य बदल जाएगा। हालांकि, अब जेएमएम ने इस मामले पर अपना रुख साफ करते हुए ऐसी किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 28 नवंबर की देर शाम दिल्ली गए थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनके दौरे को लेकर कई अटकलें तेज हो गईं। मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन बुधवार शाम रांची लौट आएंगे। सीएम चार दिसंबर को विधानसभा सत्र को लेकर आयोजित स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो की सर्वदलीय बैठक और इसके बाद सत्ता पक्ष की बैठक में शामिल होंगे।
इन अटकलों की शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव में जेएमएम को एक भी सीट ना मिलने के बाद हुई थी। दरअसल झारखंड के विधानसभा चुनाव में आरजेडी को कुछ सीटें चुनाव लड़ने के लिए दी गई थीं, लेकिन जब बिहार विधानसभा चुनाव की बारी आई तो जेएमएम को एक भी सीट नहीं दी गई। इस मामले के बाद जेएमएम के नेताओं में नाराजगी भी थी।
इन अटकलों को विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को निजी बताते हुए झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है। इस बार भी वह यही कर रही है, लेकिन झामुमो के तीन शब्दों ‘झारखंड झुकेगा नहीं’ मात्र से न सिर्फ अफवाहों पर विराम लग गया, बल्कि भाजपा को सशक्त संदेश भी मिल गया है। राज्य की जनता सब देख और समझ रही है। भाजपा को जनादेश का अपमान करने से बाज आना चाहिए और सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। इसके बाद झामुमो यूथ विंग ने भी पोस्ट करते हुए कहा ‘हेमंत सोरेन नाम ही काफी है। संघर्ष से सीखा है, सेवा से जीता है, और न्याय के लिए लड़ना आता है।’
दो विपरीत विचारधारा एक हो ही नहीं सकते: भाजपा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं। दोनों का मेल कभी नहीं हो सकता। भविष्य में साथ आने की कोई संभावना नहीं है। झामुमो नेतृत्व वाली सरकार तुष्टिकरण करती है।
भ्रम से सियासी लाभ उठाना चाहती है भाजपा : कांग्रेस
झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भाजपा के साथ जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। झारखंड में भाजपा के पास कोई सक्षम नेता नहीं है। अफवाहों के सहारे भाजपा राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है।नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनावों में गठबंधन की तरफ से जेएमएम को एक भी सीट नहीं दी गई थी। इस दौरान यह अटकलें लगने लगीं कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के बीच इन अटकलों को और हवा मिल गई। ऐसा कहा जाने लगा कि कल्पना सोरेन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली गए हैं और इस दौरान बीजेपी आलाकमान से मुलाकात के बाद झारखंड का राजनीतिक परिदृश्य बदल जाएगा। हालांकि, अब जेएमएम ने इस मामले पर अपना रुख साफ करते हुए ऐसी किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 28 नवंबर की देर शाम दिल्ली गए थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनके दौरे को लेकर कई अटकलें तेज हो गईं। मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन बुधवार शाम रांची लौट आएंगे। सीएम चार दिसंबर को विधानसभा सत्र को लेकर आयोजित स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो की सर्वदलीय बैठक और इसके बाद सत्ता पक्ष की बैठक में शामिल होंगे। इन अटकलों की शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव में जेएमएम को एक भी सीट ना मिलने के बाद हुई थी। दरअसल झारखंड के विधानसभा चुनाव में आरजेडी को कुछ सीटें चुनाव लड़ने के लिए दी गई थीं लेकिन जब बिहार विधानसभा चुनाव की बारी आई तो जेएमएम को एक भी सीट नहीं दी गई। इस मामले के बाद जेएमएम के नेताओं में नाराजगी भी थी।
इन अटकलों को विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को निजी बताते हुए झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है। इस बार भी वह यही कर रही है, लेकिन झामुमो के तीन शब्दों ‘झारखंड झुकेगा नहीं’ मात्र से न सिर्फ अफवाहों पर विराम लग गया, बल्कि भाजपा को सशक्त संदेश भी मिल गया है। राज्य की जनता सब देख और समझ रही है। भाजपा को जनादेश का अपमान करने से बाज आना चाहिए और सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। इसके बाद झामुमो यूथ विंग ने भी पोस्ट करते हुए कहा ‘हेमंत सोरेन नाम ही काफी है। संघर्ष से सीखा है, सेवा से जीता है, और न्याय के लिए लड़ना आता है।
दो विपरीत विचारधारा एक हो ही नहीं सकते: भाजपा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं। दोनों का मेल कभी नहीं हो सकता। भविष्य में साथ आने की कोई संभावना नहीं है। झामुमो नेतृत्व वाली सरकार तुष्टिकरण करती है।भ्रम से सियासी लाभ उठाना चाहती है भाजपा : कांग्रेस झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भाजपा के साथ जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। झारखंड में भाजपा के पास कोई सक्षम नेता नहीं है। अफवाहों के सहारे भाजपा राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है।
