नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार ने इंडिया अलायंस की आंतरिक समस्याओं को पूरी तरह उजागर कर दिया है। पटना में हाल ही में हुई कांग्रेस की हाई-प्रोफाइल बैठक में पार्टी की आंतरिक कलह पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के सामने ही सामने आ गई। बैठक में जीतने वाले और हारे हुए उम्मीदवारों ने सीधे तौर पर हार के लिए तेजस्वी यादव और RJD को जिम्मेदार ठहराया।सूत्रों के अनुसार बैठक से पहले ही पूर्णिया से हारे उम्मीदवार जितेंद्र सिंह और वैशाली के कैंडिडेट इंजीनियर संजीव के बीच जुबानी तकरार हुई। विवाद इतना बढ़ा कि संजीव ने गोली मारने की धमकी तक दे दी। खरगे ने इस दौरान सभी को हार से सीख लेने और बाकी राज्यों में चुनाव की तैयारी करने की नसीहत दी।
तेजस्वी यादव पर फोड़ा हार का ठीकरा
बैठक में कांग्रेस के कुछ विधायक गायब रहे खासकर तेजस्वी यादव के साथ हुई चर्चा में। जीतने वाले विधायकों से वन-टू-वन बातचीत की गई जिसमें उन्होंने पार्टी को सलाह दी कि भविष्य में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने पर ध्यान दे। अररिया से तीसरी बार विधायक चुने गए अबीदुर रहमान ने खुलकर कहा कि पार्टी ने बहुत बड़ी चूक की और टिकट वितरण में गड़बड़ी हुई। सूत्रों के अनुसार गठबंधन के बावजूद आरजेडी से किसी भी तरह का सहयोग नहीं मिला। कई RJD कार्यकर्ता उल्टे कांग्रेस उम्मीदवारों को हराने में सक्रिय थे।हारने वाले उम्मीदवारों ने भी बैठक में अपनी नाराजगी जताई। ज्यादातर का कहना था कि RJD समर्थक घर से नहीं निकल रहे थे और तेजस्वी यादव की आक्रामकता व घमंड ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा प्रभारी कृष्णा अल्लावरु पर गंभीर आरोप लगे जिसमें टिकट बेचने और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने जैसी बातें शामिल हैं।
तीन बड़े आरोप RJD और तेजस्वी यादव पर
तालमेल की कमी: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गठबंधन में तालमेल न होने की वजह से RJD कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार नहीं किया। तेजस्वी यादव ने भी सहयोग में तत्परता नहीं दिखाई।बयानबाजी का नुकसान: तेजस्वी यादव की बयानबाजी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर की टिप्पणियों से चुनावी नुकसान हुआ।संगठन कमजोर: कांग्रेस नेताओं ने कहा कि RJD के साथ गठबंधन होने से पार्टी का अपना संगठन मजबूत नहीं हो पाया। इसके साथ ही लालू परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से भी कांग्रेस को नुकसान हुआ।
गठबंधन पर उठ रहे सवाल
इस बैठक के बाद बिहार में आरजेडी और कांग्रेस गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। जीतने और हारे उम्मीदवारों की आलोचना ने स्पष्ट कर दिया कि गठबंधन में तालमेल और कार्यकर्ता स्तर पर सहयोग की कमी थी। कई कांग्रेस नेता अब भविष्य में अपने संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। बैठक में खरगे और राहुल गांधी ने हार से सीख लेने और आगे की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। लेकिन तेजस्वी यादव और RJD पर लगे आरोपों ने स्पष्ट कर दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार ने गठबंधन की कमजोरियां और आंतरिक कलह सबके सामने ला दी हैं।
